जयपुर , जनवरी 13 -- राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के तत्वावधान में तुर्की से आए खाद्य क्षेत्र के खरीदारों एवं आयातकों के 16 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ यहां अंतर्राष्ट्रीय व्यापार एवं निवेश पर संवाद हुआ।

इस दौरान एक विशेष मीट एंड ग्रीट एवं बी2बी इंटरैक्शन कार्यक्रम का आयोजन चैम्बर भवन परिसर में किया गया। इस संवाद का उद्देश्य भारत एवं तुर्की के बीच खाद्य व्यापार, निर्यात-आयात सहयोग, निवेश संभावनाओं तथा दीर्घकालिक व्यावसायिक साझेदारी को प्रोत्साहित करना रहा। तुर्की प्रतिनिधिमंडल में खाद्य एवं कृषि-आधारित उद्योगों से जुड़ी विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल थे, जो मसाले, दालें, अनाज, तिलहन, प्रोसेस्ड फूड, पैकेज्ड फूड, ड्राय फ्रूट्स, कन्फेक्शनरी एवं वैल्यू-एडेड फूड प्रोडक्ट्स के आयात-निर्यात से संबंधित हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राजस्थान चैम्बर के अध्यक्ष डाॅ के. एल. जैन ने अपने संबोधन में राजस्थान के सेक्टर-वाइज निर्यात परिदृश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि राज्य का निर्यात आधार अत्यंत विविध एवं सशक्त है। उन्होंने कहा कि खाद्य एवं एग्री-आधारित उत्पाद राज्य के कुल निर्यात में एक प्रमुख योगदान देते हैं, जिनमें विशेष रूप से मसाले (जीरा, धनिया, सौंफ), दालें, अनाज, तिलहन, ग्वार गम, इसबगोल तथा वैल्यू-एडेड एवं प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स शामिल हैं। इसके अतिरिक्त खनिज एवं खनन आधारित उत्पाद, जैसे मार्बल, ग्रेनाइट एवं प्राकृतिक पत्थर, राजस्थान के निर्यात का एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। वहीं हस्तशिल्प, जेम्स एंड ज्वेलरी एवं आर्ट मेटलवेयर जैसे पारंपरिक क्षेत्र राज्य की वैश्विक पहचान के साथ-साथ निर्यात और रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ऑर्गेनिक फूड, हर्बल एवं एग्री-वैल्यू एडिशन तथा फूड प्रोसेसिंग जैसे उभरते क्षेत्र आने वाले समय में राजस्थान के निर्यात को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने बताया कि राजस्थान में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर तेजी से विकसित हो रहा है, जहां मेगा फूड पार्क, एग्रो-प्रोसेसिंग क्लस्टर्स, कोल्ड-चेन इंफ्रास्ट्रक्चर एवं लॉजिस्टिक्स सुविधाओं का निरंतर विस्तार हो रहा है। राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियों, निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं एवं ईज-ऑफ-डूइंग-बिजनेस सुधारों के कारण विदेशी निवेशकों के लिए राजस्थान एक आकर्षक गंतव्य बनकर उभरा है।

डाॅ जैन ने कहा कि भारत-तुर्की द्विपक्षीय व्यापार में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है तथा खाद्य एवं कृषि उत्पाद दोनों देशों के बीच सहयोग का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बनते जा रहे हैं। तुर्की यूरोप और मध्य-पूर्व के बाजारों का प्रवेश द्वार है वहीं भारत विशेष रूप से राजस्थान उच्च गुणवत्ता वाले खाद्य उत्पादों की आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान चैम्बर के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने तुर्की प्रतिनिधिमंडल के साथ निर्यात अवसरों, गुणवत्ता एवं फूड सेफ्टी मानकों, पैकेजिंग, सर्टिफिकेशन, लॉजिस्टिक्स, सप्लाई-चेन मैनेजमेंट तथा लॉन्ग-टर्म बायर्स-सेलर्स रिलेशनशिप जैसे विषयों पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने भविष्य में व्यापार प्रतिनिधिमंडलों के आदान-प्रदान, नियमित बी2बी बैठकों तथा संयुक्त पहल पर सहमति व्यक्त की।

तुर्की प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे तेवफिक डोनमेज ने बैठक के दौरान अपने देश तुर्की की आर्थिक स्थिति, व्यापारिक परिवेश तथा खाद्य क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों के संबंध में जानकारी साझा की। श्री डोनमेज ने प्रतिनिधिमंडल में शामिल सभी सदस्यों का परिचय कराया तथा राजस्थान चैंबर से प्रथिनिधिमंडल को तुर्की आने को आमंत्रित किया।

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