नयी दिल्ली , जुलाई 21 -- केंद्र सरकार ने पिछले तीन वर्षों में राजस्थान में सौर एवं पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए करीब 3900 हजार करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता उपलब्ध करायी है।
केन्द्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा एवं विद्युत राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाईक ने मंगलवार को सदन में राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ के सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। श्री नाईक ने बताया कि वर्ष 2023-24 में सौर ऊर्जा के लिए 973.86 करोड़, 2024-25 में 913.74 करोड़ तथा 2025-26 में 1782.87 करोड़ रुपए की सहायता प्रदान की है। इसी तरह पवन ऊर्जा सेक्टर में इन वर्षों में क्रमश: 122.36, 79.20 एवं 37.10 करोड़ रुपए की सहायता प्रदान की गयी है।
श्री राठौड़ ने बताया कि गत 30 जून तक राजस्थान में 43,317.81 मेगावाट सौर ऊर्जा तथा 5,516.04 मेगावाट पवन ऊर्जा क्षमता स्थापित की जा चुकी है, जो राज्य को स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी बनाती है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत राजस्थान में सौर परियोजनाओं को लगातार स्वीकृति दी जा रही है। "सौर पार्क एवं अल्ट्रा मेगा सौर ऊर्जा परियोजना" योजना के तहत राजस्थान में 10,726 मेगावाट क्षमता वाले 11 सौर पार्क स्वीकृत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त पीएम-कुसुम एवं पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से किसानों एवं आम उपभोक्ताओं को भी प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है।
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