जयपुर , अगस्त 19 -- राजस्थान में सोलहवीं विधानसभा का छठा सत्र गुरुवार को शुरू होगा जिसके हंगामेदार रहने के आसार हैं।

हालांकि राज्य में बुधवार को नगर निकाय चुनावों की घोषणा के मद्देनजर इस सत्र के काफी कम अवधि का होने की भी संभावना हैं। इस सत्र में विपक्ष कांग्रेस ने प्रदेश की भाजपा सरकार को प्रदेश में कानून व्यवस्था, सरकारी अस्पतालों में प्रसूताओं की मौत के मामले, जर्जर सरकारी स्कूले एवं बदहाल शिक्षा व्यवस्था को लेकर, कमजोर मानसून के बावजूद जर्जर सड़के, बेरोजगारी और जनता से किये वादों के अनुरुप विकास कार्य नहीं होने को लेकर घेरने की तैयारी की है।

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की अध्यक्षता में हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सरकार की नाकामियों को सदन में प्रमुखता से उठाने का फैसला किया गया वहीं सर्वदलीय बैठक के बाद श्री जूली ने आरोप लगाते हुए कहा है कि यह सरकार जनता के मुद्दों से भागना चाहती हैं, इसलिए सदन चलाने की अवधि लंबा नहीं रखना चाहती है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में सड़कों की स्थिति खराब है और जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि स्कूलों में फोटो और वीडियो बनाने पर पाबंदी लगाकर सरकार शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति सामने आने से रोकना चाहती है। यह मुद्दा भी इस सत्र में उठने की संभावना है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कई बजट घोषणाओं पर काम नहीं हुआ है और सरकार के कई मंत्री अपने विभागों में प्रभावी काम नहीं कर पाये हैं। इस तरह ऐसे कई मुद्दों के सदन में उठने एवं इन पर हंगामा होने के आसार हैं।

इस सत्र में राज्य सरकार द्वारा समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक लाये जाने की संभावना हैं जिस पर भी हंगामा होने के आसार है।

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