जयपुर , नवम्बर 17 -- राजस्थान में राजस्थान उच्च न्यायालय की खंडपीठ पुलिस उप निरीक्षक भर्ती-2021 को रद्द करने के निर्णय के विरुद्ध राज्य सरकार द्वारा दायर याचिका पर 24 नवम्बर को सुनवाई करेगी।

राज्य सरकार ने अपनी याचिका में तर्क दिया है कि कुछ अभ्यर्थियों या संबंधित व्यक्तियों की गलती के कारण पूरी भर्ती को रद्द करना उचित नहीं है। सरकार का कहना है कि परीक्षा के प्रश्नपत्र का लीक-प्रकरण सीमित दायरे तक था और इसका प्रसार समूचे राजस्थान में नहीं हुआ था।

सरकारी पक्ष ने यह भी कहा कि प्रश्नपत्र केंद्र से बाहर आने के बाद केवल कुछ अभ्यर्थियों तक ही पहुँचा, जबकि राजस्थान लोकसेवा आयोग (आरपीएससी) से लीक हुआ पेपर केवल कुछ आरपीएससी सदस्यों के बच्चों और दलालों तक सीमित रहा। ऐसे में उन अभ्यर्थियों को नुकसान पहुँचना अन्यायपूर्ण है, जिन्होंने ईमानदारी से परीक्षा दी थी।

उच्च न्यायालय की एकलपीठ ने 28 अगस्त को भर्ती रद्द करने का आदेश दिया था, जिसके खिलाफ 60 दिन के भीतर अपील की जा सकती थी, लेकिन राज्य सरकार ने समय सीमा पार होने के बाद याचिका दायर की और इसके साथ देरी माफी आवेदन भी लगाया है।

यदि खंडपीठ देरी को स्वीकार कर लेती है, तो सरकार की याचिका और चयनित अभ्यर्थियों की याचिकाओं पर संयुक्त रूप से सुनवाई होगी।

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