, Aug. 5 -- श्री शर्मा ने कहा कि संत रविदास ने जिस आदर्श समाज की कल्पना की थी, उसका वर्णन उन्होंने "ऐसा चाहूं राज मैं, जहां मिले सबन को अन्न। छोट-बड़ो सब सम रहें, रविदास रहे प्रसन्न "जैसी अमर पंक्तियों में किया। यही सुशासन की परिकल्पना है तथा विकसित भारत की आत्मा है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास का मंत्र इसी भावना को साकार कर रहा है। राजस्थान सरकार भी इसी विचार के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज का अंतिम व्यक्ति विकास की मुख्यधारा से जुड़े और प्रत्येक गरीब, वंचित, किसान, युवा, महिला और श्रमिक तक विकास का लाभ पहुंचे, इस लक्ष्य के साथ हमारी सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इस अभियान में आज से 31 अगस्त तक संत संपर्क अभियान चलेगा जिसमें प्रदेशभर में संतों, महंतों और गुरुओं से संपर्क कर उनका सम्मान किया जाएगा। इसके बाद गुरु रविदास समरसता यात्रा तथा छात्रावास संपर्क अभियान के माध्यम से युवाओं तक संत रविदास जी के विचार पहुंचाए जाएंगे तथा विकसित भारत-2047 के संकल्प पर संवाद किया जाएगा।
उन्होंने राजस्थान के सभी कार्यकर्ताओं और प्रदेशवासियों से संत रविदास के विचारों को अपने जीवन में उतारने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी मिलकर समाज में समरसता, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करें तथा जाति, वर्ग और भेदभाव से ऊपर उठकर विकसित राजस्थान और विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।
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