नासिक , अक्टूबर 22 -- महाराष्ट्र सरकार के सचिव शरद राजभोज ने नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेला 2027 के औपचारिक उद्घाटन से पहले 31 अक्टूबर को होने वाले ध्वजारोहण समारोह के तैयारियों की समीक्षा की है।
श्री राजभोज की अध्यक्षता में हुई बैठक में त्र्यंबकेश्वर तक जाने वाले सड़क बनाने के कामों और एमएसआईडीएस, हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (एचएएम), एशियन विकास बैंक (एडीबी) और जिला योजना समिति (डीपीसी) के तहत चल रही परियोजनाओं पर ध्यान केन्द्रित किया गया।
बैठक में अलग-अलग विभाग के प्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। बैठक में यह सुनिश्चित करने पर विस्तृत चर्चा हुई कि 31 अक्टूबर का समारोह बड़े पैमाने पर हो, जिसमें धार्मिक परंपराओं का पालन किया जाये और सही इंतज़ाम बनाये रखा जाये। श्रद्धालुओं के बड़ी संख्या में आने की संभावना को देखते हुए अधिकारियों ने सुरक्षा , यातायात प्रबंध , सफ़ाई, पार्किंग, आपातकालीन प्रतिक्रिया और अलग-अलग सरकारी विभागों के बीच समन्वय की समीक्षा की। ध्वजारोहण समारोह दो खास धार्मिक जगहों पर होगा जिनमें नासिक में रामकुंड घाट और त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर के पास त्र्यंबकेश्वर में कुशावर्त कुंड है।
श्री राजभोज के मुताबिक दोनों जगहों पर समारोह 31 अक्टूबर को दोपहर 12:02 बजे एक साथ होंगे, जो सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों में एक अहम पड़ाव होगा। बैठक में बताये गये मौजूदा योजना के मुताबिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु एक जगह पर झंडा फहरायेंगी, जबकि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस दूसरी जगह समारोह में शामिल होंगे। केंद्र और महाराष्ट्र सरकार के कई नेताओं के भी शामिल होने की उम्मीद है।
श्री राजभोज ने संबंधित विभाग को सभी सड़क बनाने और उससे जुड़े बुनियादी ढांचे के काम तय समय सीमा में पूरे करने का निर्देश दिया। उन्होंने संतों, धार्मिक नेताओं और अखाड़ों के प्रतिनिधियों के साथ लगातार तालमेल की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया ताकि यह पक्का हो सके कि समारोह स्थापित धार्मिक परंपराओं के अनुसार हों।
उन्होंने बताया कि 31 अक्टूबर को ध्वजारोहण समारोह नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेला 2027 की तैयारियों में एक अहम पड़ाव होने की उम्मीद है, जिसमें बुनियादी विकास और तीर्थयात्रियों के लिए इंतज़ामों में और तेज़ी आयेगी। पहला अमृत स्नान (पवित्र अनुष्ठान स्नान) दो अगस्त, 2027 को आषाढ़ सोमवती अमावस्या को होगा। दूसरा अमृत स्नान 31 अगस्त, 2027 को होगा। तीसरा अमृत स्नान 11 सितंबर, 2027 को नासिक में होगा, जिसके बाद 12 सितंबर, 2027 को त्र्यंबकेश्वर में इसी तरह का समारोह होगा।
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