बेंगलुरु , सितंबर 11 -- कर्नाटक के लोक निर्माण मंत्री (पीडब्ल्यूडी) सतीश जारकीहोली ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उनके और उनके सहयोगियों के ठिकानों पर की गई तलाशी पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजनीति से प्रेरित थी और एजेंसी 'छोटी मछलियों' (छोटे लोगों) को निशाना बना रही है, जबकि बड़ी गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार लोगों को छोड़ रही है।

श्री जारकीहोली ने कहा कि ईडी की कार्रवाई के दौरान बरामद नकदी उनके परिवार की थी और जोर देकर कहा कि इसे वापस पाने के लिए कानूनी प्रक्रिया चल रही है।

उन्होंने कहा, "यह ईडी का छापा नहीं बल्कि एक जांच-पड़ताल है।" उन्होंने सवाल किया कि अगर एजेंसी को लेन-देन पर शक था, तो उसने कोई नोटिस क्यों जारी नहीं किया। मंत्री ने कहा कि सात से आठ जगहों पर तलाशी ली गई और दावा किया कि अधिकारियों को वह जानकारी मिल गई है जिसकी उन्हें तलाश थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने और उनके सहयोगियों ने जांच में पूरा सहयोग किया है।

उन्होंने कहा कि ईडी ने विदेशी निवेश के बारे में भी जानकारी मांगी थी और नोटिस में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के प्रावधानों का जिक्र था। मंत्री ने हालांकि कहा कि निवेश का मामला अभी भी कानूनी प्रक्रिया के तहत है। श्री जारकीहोली ने कहा, "इस तलाशी के पीछे राजनीतिक मंशा है। छोटी मछलियों को पकड़ा जा रहा है जबकि बड़ी मछलियों को छोड़ दिया जा रहा है। हो सकता है कि हमने छोटी-मोटी गलतियां की हों लेकिन भाजपा में ऐसे लोग हैं जिन्होंने इससे बड़ी गलतियां की हैं।"उन्होंने कहा कि परिवार कानूनी प्रक्रिया का सामना करने और एजेंसी द्वारा जारी किसी भी नोटिस का जवाब देने के लिए तैयार है। गौरतलब है कि मंत्री की ये टिप्पणियां ईडी की तलाशी को लेकर मचे राजनीतिक विवाद के बीच आईं, जिसमें सत्ताधारी कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसी की कार्रवाई का इस्तेमाल उसके नेताओं को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है। अरभावी के विधायक और श्री सतीश जारकीहोली के भाई श्री भालचंद्र जारकीहोली ने उन खबरों को खारिज कर दिया कि कर्नाटक के पीडब्ल्यूडी मंत्री सतीश जारकीहोली ने विदेश में 770 करोड़ रुपये का निवेश किया है। उन्होंने इस दावे को झूठा बताया और परिवार की प्रतिष्ठा खराब करने की कोशिशों के खिलाफ चेतावनी दी।

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