, June 22 -- श्री चौधरी ने कहा कि बिहार की लगभग 60 प्रतिशत आबादी पिछड़ा और अतिपिछड़ा वर्ग से संबंधित है तथा सरकार इन वर्गों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने कहा कि बिहार लोकतंत्र की जन्मस्थली है और देश ने मुगल शासन, अंग्रेजी हुकूमत तथा लंबे समय तक कांग्रेस शासन का दौर देखा है, लेकिन अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछड़े और अतिपिछड़े समाज को सम्मान और अधिकार प्राप्त हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि लालू प्रसाद यादव अपने परिवार और आवास की चिंता में लगे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सुरक्षा में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात हैं। यदि सारी सुरक्षा कुछ लोगों तक सीमित हो जाएगी तो आम जनता और अति पिछड़ा समाज की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।

कार्यक्रम के अंत में नवनिर्वाचित विधान पार्षदों को सम्मानित किया गया तथा अतिपिछड़ा समाज के विकास और सशक्तिकरण के लिए सरकार के प्रयासों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।

कार्यक्रम में केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, केन्द्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण निषाद, सांसद राधामोहन सिंह शंभूशरण पटेल, श्रीमती धर्मशीला गुप्ता, बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार, पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री श्रीमती रमा निषाद, पटना नगर निगम की मेयर श्रीमती सीता साहू, विधान पार्षद श्रीमती शीला प्रजापति, विधान पार्षद अनिल ठाकुर सहित बड़ी संख्या में अतिपिछड़ा समाज के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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