, Feb. 26 -- श्री शाह ने कहा कि इस अभियान के तहत देश की सीमाओं से 10 किलोमीटर के दायरे में सभी अवैध अतिक्रमणों को पहले हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव के दौरान सरकार ने जनता से वादा किया था कि राज्य को घुसपैठियों से मुक्त बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग न केवल घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची से हटाएगा , बल्कि प्रत्येक घुसपैठिए की पहचान कर उन्हें भारत से बाहर भेजने की व्यवस्था भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि पूरे देश को घुसपैठियों से मुक्त करना केवल चुनावी वादा नहीं, बल्कि मोदी सरकार का दृढ़ संकल्प है। उन्होंने कहा कि इस पहल की शुरुआत पूरे 'सीमांचल' क्षेत्र को घुसपैठियों से मुक्त बनाने से होगी।

गृहमंत्री श्री शाह ने आज सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों से संवाद के साथ इंदरवा में सीमा चौकियों (बॉर्डर आउट पोस्ट) का उद्घाटन भी किया। इस दौरान उन्होंने एसएसबी की विभिन्न परियोजनाओं का ई-उद्घाटन और ई-शिलान्यास भी किया।

श्री शाह ने इस अवसर पर कहा कि सशस्त्र सीमा बल के जवानों की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए लगभग 170 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के जवानों की सुविधाओं में सुधार के लिए एक कार्ययोजना तैयार की है और आज का यह कार्यक्रम उसी पहल का हिस्सा है।

श्री शाह ने कहा कि एसएसबी से संबंधित कई परियोजनाओं का यहां उद्घाटन और शिलान्यास किया गया है। उन्होंने बताया कि भारत-नेपाल सीमा सड़क परियोजना के तहत 554 किलोमीटर सीमा सड़कों को स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 18 खंडों में कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि स्वीकृत 2,468 करोड़ रुपये में से 2,336 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि सड़क पूरी होने के बाद एसएसबी जवानों की निगरानी क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी।

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