, June 24 -- श्री प्रसाद ने कहा कि गरीबी उन्मूलन के क्षेत्र में बिहार ने देश में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि मानव विकास सूचकांक और नीति आयोग के बहुआयामी गरीबी सूचकांक के अनुसार वर्ष 2015-16 से 2019-21 के बीच बिहार में बहुआयामी गरीबी 51.89 प्रतिशत से घटकर 33.76 प्रतिशत रह गई। इस अवधि में 18.13 प्रतिशत अंक की कमी दर्ज की गई, जो देश के सभी राज्यों में सबसे अधिक है। यह उपलब्धि नीतीश कुमार की गरीब-कल्याणकारी नीतियों, सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों और समावेशी विकास की प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष परिणाम है। जदयू प्रवक्ता ने कहा कि आर्थिक विकास के क्षेत्र में भी बिहार ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 में राज्य की प्रति व्यक्ति आय जहां मात्र 5,780 रुपये थी, वहीं वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 76,490 रुपये तक पहुंच गई है। यह लगभग 13 गुना वृद्धि है, जो राज्य की मजबूत आर्थिक प्रगति और बढ़ती समृद्धि को दर्शाती है। इस दौरान बिहार ने लगभग 13 प्रतिशत की वार्षिक चक्रवृद्धि वृद्धि दर दर्ज की है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है।

श्री प्रसाद ने कहा कि विकास कार्यों पर होने वाले सरकारी निवेश में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि बिहार का प्रति व्यक्ति विकास व्यय वर्ष 2005-06 के 1,463 रुपये से बढ़कर वर्ष 2024-25 में 13,279 रुपये हो गया है। इससे सड़क, पुल, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, ग्रामीण विकास और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को नई गति मिली है।

श्री प्रसाद ने भरोसा जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अगुवाई वाली राज्य की वर्तमान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार नीतीश कुमार के संकल्पों को आगे बढ़ाने का काम कर रही है,जिसका परिणाम है कि औद्योगिक निवेश, रोजगार जैसे क्षेत्रों में नए-नए फैसले लिए जा रहे हैं जिससे आगामी दिनों में बिहार विकास के पथ पर और भी ज्यादा तीव्र गति से अग्रसर होगा। उन्होंने कहा कि बिहार ने विकास, मानव कल्याण और गरीबी उन्मूलन के क्षेत्र में जो मिसाल कायम की है, वह देश के लिए प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री श्री चौधरी के नेतृत्व में बिहार आगे भी विकास और प्रगति की नई इबारत लिखता रहेगा।

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