भोपाल , मार्च 30 -- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लोकतंत्र भारतीय परंपरा का स्वाभाविक गुण है और इसमें मतभिन्नता को हमेशा सम्मान मिला है। उन्होंने युवा विधायकों से अपेक्षा जताई कि वे राजनीति में विनम्रता, मर्यादा और अनुशासन का पालन करते हुए जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील रहें और जनहित के लिए समर्पित भाव से कार्य करें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज मध्यप्रदेश विधानसभा में आयोजित युवा विधायकों के दो दिवसीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजनीति में वही लोग सफल हो सकते हैं, जिनमें जनसेवा और जनकल्याण की भावना हो। व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से प्रेरित राजनीति लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करती है।

उन्होंने कहा कि सकारात्मक और समाजहित के कार्यों के लिए दलगत मतभेदों से ऊपर उठकर सोचने की आवश्यकता है। साथ ही जनप्रतिनिधियों को अपने परिवार को समय देने और अच्छे संस्कार प्रदान करने पर भी ध्यान देना चाहिए।

विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि लोकतंत्र को सशक्त बनाने में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि संविधान की सफलता उसे लागू करने वालों की प्रतिबद्धता और नैतिकता पर निर्भर करती है। उन्होंने युवा विधायकों से विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि विधायक जनता और शासन के बीच सेतु का कार्य करते हैं और उन्हें अध्ययन, चिंतन तथा जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए।

संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि लोकतंत्र के सशक्त होने के लिए जनप्रतिनिधियों का सशक्त होना आवश्यक है। उन्होंने विधायकों को संयमित व्यवहार रखने और जनसमस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय रहने की सलाह दी।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि विधायक का दायित्व अपने क्षेत्र की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाना है। उन्होंने युवाओं से राजनीति के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया। सम्मेलन में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के 45 वर्ष तक के युवा विधायक शामिल हुए और लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी, नवाचार तथा विकसित भारत के निर्माण पर विचार-विमर्श किया।

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