, May 17 -- श्री भट्टाचार्य ने भूमि अधिग्रहण और कॉरपोरेट नीतियों की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि किसानों की जमीन अधिग्रहित कर बड़े कॉरपोरेट घरानों को सौंपा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की आर्थिक नीतियां किसानों, गरीबों और मेहनतकशों के खिलाफ हैं तथा भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने का माध्यम बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि मंहगाई और बेरोजगारी चरम पर है, वहीं देश और विदेशों में कार्यरत लाखों कर्मियों की आजीविका चली गयी है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को तंगगली में पहुँचा दिया है। मंहगाई और बेरोजगारी चरम पर है, वहीं देश और विदेशों में कार्यरत लाखों कर्मियों की आजीविका चली गयी है। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में भारत का घाटा लगातार बढ़ रहा है। अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत की प्रतिष्ठा कमजोर हुई है। श्री भट्टाचार्य ने कहा कि महंगाई और आर्थिक संकट का बोझ गरीबों एवं मेहनतकश वर्ग पर डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था कमजोर की जा रही है और पेट्रोलियम क्षेत्र पर देश की निर्भरता लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक और लोकतांत्रिक संस्थाओं की साख लगातार गिर रही है तथा युवाओं और आम जनता के सवालों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
भाकपा माले नेता ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद महिला हिंसा की घटनाओं में काफी वृद्धि हुई है और पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। नीट पेपर लीक प्रकरण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं का पूरा तंत्र अपराधियों एवं भ्रष्टाचारियों के प्रभाव में आ गया है।
इस अवसर पर बिहार राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष मंजू प्रकाश तथा जिला सचिव बैद्यनाथ यादव भी उपस्थित थे।
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