नयी दिल्ली , अप्रैल 08 -- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम के बाद पश्चिम एशिया की बदलती स्थिति के मद्देनजर परिस्थितियों से मजबूती से निपटने की तैयारी और समन्वय पर बल देते हुए कहा है कि सरकार एलपीजी, पेट्रोल, डीज़ल और उर्वरकों की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित कर रही है तथा आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को सुगम बना रही है।
श्री सिंह की अध्यक्षता वाले मंत्रियों के अनौपचारिक समूह ने पश्चिम एशिया की स्थिति के मद्देनज़र देश की तैयारी की बुधवार को समीक्षा की।
रक्षा मंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए मजबूत तैयारी और समन्वय बनाये रखने पर ध्यान दें ।
बाद में उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि सरकार देश में एलपीजी, पेट्रोल और डीज़ल, किसानों के लिए उर्वरकों की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित कर रही है तथा आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को सुचारु बना रही है। उन्होंने कहा कि सरकार नागरिकों को संघर्ष के प्रभाव से सुरक्षित रखने के लिए उत्कृष्ट कार्य कर रही है।
मंत्री समूह को यह जानकारी दी गई कि पिछले 40 दिनों में भारत ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से किसी भी अन्य देश की तुलना में सबसे अधिक जहाजों की निकासी सुनिश्चित की है। कुल आठ एलपीजी पोत, जो लगभग 340 टन गैस (जो भारत की आयात आवश्यकता के लगभग 11 दिनों के बराबर है) लेकर सफलतापूर्वक स्वदेश आये जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति की स्थिरता को मजबूती मिली है।
देशभर में एलपीजी वितरक एजेंसियों पर किसी भी प्रकार की आपूर्ति समाप्त होने (ड्राई-आउट) की कोई सूचना नहीं है और पूरे देश में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति लगातार जारी है।
मंत्री समूह को हर क्षेत्र की स्थिति और उसके लिए जरूरी कदम उठाने के बारे में भी बताया गया।
बैठक में वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण , विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर , कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान , वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल , रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा , पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी , उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी , रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव , संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू , नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने हिस्सा लिया।
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