नयी दिल्ली , मार्च 24 -- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को यहां शीर्ष सैन्य नेतृत्व के साथ पश्चिम एशिया संकट के कारण उत्पन्न स्थिति और उसके भारत की रक्षा तैयारी पर प्रभाव की समीक्षा की तथा इस संघर्ष से मिली सीख के आधार परभारत की तैयारी को मज़बूत बनाने के लिए रोडमैप बनाने का निर्देश दिया।
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि श्री सिंह ने प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान, तीनों सेनाओं के प्रमुखों, रक्षा सचिव, सचिव (रक्षा उत्पादन) और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन डीआरडीओ के अध्यक्ष के साथ बैठक की। बैठक में पश्चिम एशिया की स्थिति और उसके भारत की रक्षा तैयारी पर प्रभाव का आकलन किया गया। उन्हें वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य, संघर्षों के भारत पर संभावित प्रभाव तथा मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति से उत्पन्न चुनौतियों और अवसरों के बारे में जानकारी दी गई। रक्षा उपकरणों की खरीद और उत्पादन के लिए आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन पर स्थिति के प्रभाव, जिसमें मौजूदा उपकरणों के रखरखाव और सेवा-योग्यता भी शामिल है पर भी चर्चा की गई।
रक्षा मंत्री ने निर्देश दिया कि संघर्ष से मिली सीख और संचालन स्तर पर अनुभव का निरंतर अध्ययन किया जाए ताकि भारत की तैयारी को बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने कहा, "हमें आने वाले दशक के लिए एक व्यापक एकीकृत रोडमैप को औपचारिक रूप देना होगा, जिसमें सीखे गए सबक, आगे की चुनौतियाँ और अवसर शामिल हों, साथ ही सभी मोर्चों पर आत्मनिर्भरता और परिचालन तत्परता सुनिश्चित की जाए।"उल्लेखनीय है कि पश्चिम एशिया संकट का पूरी दुनिया में लगभग हर क्षेत्र में प्रभाव पड़ रहा है और हर देश इन प्रभावों से निपटने की तैयारी में जुटा है। भारत में भी इसके प्रभावों को कम करने के लिए भारत स्तर पर कदम उठाए जा रहे हैं।
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