नयी दिल्ली , अप्रैल 30 -- भारत और इटली ने रक्षा औद़योगिक क्ष़़ेत्र के साथ साथ सेनाओं के स्तर पर परस्पर सहयोग बढाने पर सहमति व्यक्त की है।
दोनों देशों ने एक द्विपक्षीय सैन्य सहयोग योजना पर भी सहमति व्यक्त की। साथ ही उन्होंने पश्विम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा की।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को यहां इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो के साथ द्विपक्षीय बैठक की जिसमें दोनों मंत्रियों ने दोहराया कि भारत और इटली के बीच सामरिक साझेदारी शांति, स्थिरता, स्वतंत्रता और पारस्परिक सम्मान जैसे साझा मूल्यों पर आधारित है।
दिल्ली छावनी स्थित मानेकशा सेंटर में हुई इस बातचीत के बाद श्री सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट में अपनी बात रखी।
श्री सिंह ने कहा , ''आज दिल्ली में अपने इतालवी समकक्ष गुइडो क्रोसेटो का स्वागत करके और उनके साथ विस्तृत वार्ता करके प्रसन्नता हुई। हमने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों की विस्तृत श्रृंखला पर चर्चा की, जिसमें पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति भी शामिल है। हमने भारत के आत्मनिर्भर भारत कार्यक्रम और इटली की रक्षा सहयोग पहल के तहत पारस्परिक रूप से लाभकारी रक्षा औद्योगिक सहयोग को और विकसित करने के उपायों पर भी चर्चा की। दोनों देशों की सशस्त्र सेनाओं के बीच सैन्य सहभागिता से संबंधित वर्ष 2026-27 के लिए एक द्विपक्षीय सैन्य सहयोग योजना (एमसीपी) का भी आदान-प्रदान किया गया।''उन्होंने अपने इतालवी समकक्ष के साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों की विस्तृत श्रृंखला पर चर्चा की, जिसमें पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति भी शामिल है। दोनों मंत्रियों ने आत्मनिर्भर भारत कार्यक्रम और इटली की रक्षा सहयोग पहल के तहत पारस्परिक रूप से लाभकारी रक्षा औद्योगिक सहयोग को आगे बढ़ाने के अवसरों पर भी विचार-विमर्श किया।
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि द्विपक्षीय सैन्य सहयोग योजना में दोनों देशों की रक्षा सेनाओं के बीच सैन्य गतिविधियों की दिशा निर्धारित की गयी है। बैठक में दोनों प्राचीन समुद्री राष्ट्रों के बीच विभिन्न प्रमुख समुद्री मुद्दों पर समानता का भी उल्लेख किया गया, जिसमें गुरुग्राम स्थित सूचना संलयन केंद्र-हिंद महासागर क्षेत्र के माध्यम से सूचना आदान-प्रदान शामिल है।
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