राजनांदगांव , सितंबर 09 -- छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में कथित रूप से अवैध साहूकारी करते हुए 50 हजार रुपये के बकाया ब्याज के बदले 49 डिसमिल जमीन अपने नाम कराने के मामले में पुलिस ने एक महिला के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।

पुलिस के अनुसार, तुमड़ीबोड़ पुलिस चौकी क्षेत्र के ग्राम दिवानभेड़ी निवासी फागुराम सिन्हा ने पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा से मामले की शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया कि उसने 30 सितंबर 2024 को मटिया (डोंगरगांव) निवासी रश्मिदेवी गोस्वामी से तीन लाख रुपये उधार लिए थे। दो वर्ष में एक लाख रुपये ब्याज सहित कुल चार लाख रुपये लौटाने की बात तय हुई थी।

शिकायत के मुताबिक फागुराम ने अपनी 50 डिसमिल जमीन बेचकर साढ़े तीन लाख रुपये चुका दिए थे। इसके बाद शेष 50 हजार रुपये के ब्याज को लेकर विवाद हुआ। आरोप है कि इसके एवज में रश्मिदेवी ने उसकी 49 डिसमिल जमीन का पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार करा लिया।

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) वैशाली जैन ने मामले की जांच की। पुलिस का दावा है कि पावर ऑफ अटॉर्नी में जमीन स्वयं के नाम पंजीकृत कराने का अधिकार नहीं होने के बावजूद आरोपी महिला ने फागुराम को बताए बिना नौ लाख रुपये मूल्य दर्शाकर 49 डिसमिल जमीन अपने नाम पंजीकृत करा ली। बाद में यह जमीन कथित तौर पर तीसरे व्यक्ति को बेच दी गई।

जांच में पुलिस ने यह भी पाया कि आरोपी महिला के पास साहूकारी का वैध लाइसेंस नहीं था और वह कथित रूप से ब्याज पर रकम देने तथा मनमाना ब्याज वसूलने का काम कर रही थी।

जांच प्रतिवेदन और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने रश्मिदेवी गोस्वामी (40), निवासी ग्राम मटिया, डोंगरगांव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और छत्तीसगढ़ ऋणियों का संरक्षण अधिनियम, 1937 की धारा 4 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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