राजनांदगांव , अगस्त 20 -- ) छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में दिग्विजय क्लब को खेलकूद एवं मनोरंजन के उद्देश्य से आवंटित नजूल भूमि पर व्यावसायिक परिसर के निर्माण को लेकर सवाल उठाते हुए शहर कांग्रेस के पूर्व महामंत्री एवं पूर्व पार्षद हेमंत ओस्तवाल ने कलेक्टर जितेंद्र यादव से इसकी उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
श्री ओस्तवाल ने गुरुवार को कलेक्टर को लिखे पत्र में कहा कि शासन द्वारा दिग्विजय क्लब को जिस उद्देश्य से भूमि आवंटित की गयी थी, उस भूमि पर व्यावसायिक निर्माण किन नियमों और अनुमतियों के आधार पर किया गया, इसकी जांच आवश्यक है। उन्होंने क्लब की कार्यालयीन मिनट बुक, कॉम्प्लेक्स निर्माण से संबंधित प्रस्ताव, प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने वाले सदस्यों तथा निर्माण पर आपत्ति दर्ज कराने वाले सदस्यों से संबंधित अभिलेखों की भी जांच कराने की मांग की है।
उन्होंने मांग की कि क्लब के मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज, क्लब के संविधान और व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स के लिए स्वीकृत नक्शे की जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि नगर तथा ग्राम निवेश विभाग सहित संबंधित विभागों से नियमानुसार आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त की गई थीं या नहीं।
श्री ओस्तवाल ने नगर पालिक निगम द्वारा जारी भवन निर्माण अनुज्ञा क्रमांक 11835, दिनांक 28 अप्रैल 2023 की भी जांच की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया कि निर्माण स्वीकृत नक्शे के अनुरूप हुआ है या नहीं और इतने बड़े व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स में पार्किंग के लिए निर्धारित स्थान छोड़ा गया है अथवा नहीं। इसके साथ ही उन्होंने भवन पूर्णता प्रमाणपत्र जारी किए जाने की स्थिति भी सार्वजनिक करने की मांग की है।
पूर्व पार्षद ने आरोप लगाया कि आम नागरिकों के नियम विरुद्ध निर्माण पर नगर निगम कार्रवाई करता है, जबकि निगम कार्यालय के समीप इतने बड़े व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स का निर्माण होने के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की, इसकी भी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कलेक्टर से एक उच्चस्तरीय जांच समिति गठित कर एक माह के भीतर पूरे मामले की जांच कराने तथा जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
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