जम्मू , अक्टूबर 25 -- जम्मू कश्मीर की राजधानी के रूप में जम्मू को फिर से तैयार किया जा रहा है क्योंकि मौजूदा उमर अबदुल्ला सरकार ने पांच साल बाद फिर से दरबार मूव की परंपरा को शुरू करने का फैसला लिया है।

जम्मू में वार्षिक दरबार पहल की तैयारियों के तहत शहर का कायाकल्प किया जा रहा है। सरकारी कार्यालय दो नवंबर से यहां फिर खुलने वाले हैं। शीतकालीन राजधानी की सड़कों और गलियों को परंपरागत रूप से नया रूप दिया जा रहा है। वहीं, दरबार मूव के कार्यालय दोबारा खुलने से पहले यातायात विभाग ने सड़क डिवाइडर लगाने और वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने का काम शुरू कर दिया है।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली जम्मू-कश्मीर सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक दरबार मूव को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इसके तहत सरकार का कामकाज श्रीनगर से जम्मू स्थानांतरित होगा।

उल्लेखनीय है कि उपराज्यपाल के नेतृत्व वाले प्रशासन ने जून 2021 में लगभग 150 साल पुरानी इस परंपरा को बंद कर दिया था। उस समय डिजिटल ई-ऑफिस व्यवस्था में बदलाव और सालाना करीब 200 करोड़ रुपये की अनुमानित बचत को इसका कारण बताया गया था। दरबार मूव की परंपरा को बहाल करना नेशनल कॉन्फ्रेंस के 2024 के चुनावी घोषणापत्र का एक प्रमुख वादा रहा है।

अधिकारियों ने बताया, "श्रीनगर में कार्यालय 31 अक्टूबर को बंद होंगे और जम्मू में दो नवंबर को फिर खुलेंगे।" इस द्विवार्षिक प्रक्रिया से पहले सड़कों और गलियों के अलावा सरकारी बंगलों, भवनों तथा कर्मचारियों के आवासों की भी मरम्मत और नवीनीकरण किया जा रहा है।

इस बीच, जम्मू क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) तेजिंदर सिंह ने जम्मू स्थित जोनल पुलिस मुख्यालय में सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में शीतकालीन राजधानी जम्मू में वार्षिक दरबार मूव के तहत कार्यालयों के दोबारा खुलने से पहले सुरक्षा व्यवस्था का आकलन किया गया।

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