नयी दिल्ली , अगस्त 23 -- दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ. नरेश कुमार ने सरकार से राजधानी की कृषि भूमि का सर्किल दर 25 करोड़ रुपये प्रति एकड़ करने की मांग की।

डॉ. नरेश रविवार को यहां कंझावला में सर्किल दर बढ़ाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर किसान संघर्ष समिति अनिश्चितकालीन धरने में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसान सरकार से अपना हक मांग रहे हैं, भीख नहीं। उन्होंने जब तक किसानों को उनका हक नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

कांग्रेस नेता ने कहा कि दिल्ली में कृषि भूमि का सर्किल रेट 25 करोड़ रुपये प्रति एकड़ किया जाना चाहिए। जिस परिवार की जमीन सरकार द्वारा अधिग्रहित की जाती है, उस परिवार के एक सदस्य को नौकरी और दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) का एक प्लॉट दिया जाए, ताकि जमीन से प्रभावित परिवार के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके।

उन्होंने कहा कि किसानों की इन मांगों को लेकर किसान संघर्ष समिति ने सरकार के खिलाफ चार सितंबर को जंतर-मंतर पर महापंचायत/महाधरना आयोजित करने का फैसला किया है , जिसमें बड़ी संख्या में किसान शामिल होकर अपनी मांगों को मजबूती से उठाएंगे।

किसानों की एकता और पुराने आंदोलनों का जिक्र करते हुए डॉ. नरेश कुमार ने कहा कि किसानों की ताकत उनकी एकजुटता और समर्पण में है। उन्होंने 1977-78 के किसान आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि उस आंदोलन के बाद दिल्ली में चौधरी चरण सिंह ने एक बड़ी किसान रैली को संबोधित किया था, जो उस समय किसानों की एकता और ताकत का प्रतीक बनी। उन्होंने कहा कि जब किसान एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते हैं तो सरकार को भी उनकी बात सुननी पड़ती है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि 2008 में सरकार द्वारा सर्किल रेट बढ़ाने के प्रावधान किए गये थे। इसमें हर पांच साल में सर्किल रेट बढ़ाने और हर साल निर्धारित प्रतिशत के अनुसार बढ़ोतरी किए जाने की व्यवस्था थी, लेकिन 2013 में सरकार बदलने के बाद सर्किल रेट को लेकर अलग-अलग इलाकों के लिए अलग-अलग दरें तय की गयीं।

उन्होंने बताया कि इस धरने में आने से पहले उन्होंने दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष देवेंद्र यादव से भी बात की है और श्री यादव ने कहा है कि किसानों के आंदोलन में कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी रहेगी।

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