पटना , जनवरी 31 -- राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने एक फरवरी को लोकसभा में पेश होने वाले केन्द्रीय बजट में बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की है।
राजद के प्रदेश प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने आज बयान जारी कर कहा कि पिछले दिनों केन्द्र सरकार की ओर से जारी आर्थिक सर्वेक्षण में बताया गया है कि बिहार देश का सबसे गरीब राज्य है,जहां प्रति व्यक्ति आय देश के अन्य राज्यों की तुलना में सबसे कम है।बिहार में शिवहर , सीतामढ़ी और अररिया जैसे जिलों में तो प्रति व्यक्ति प्रति महीना तीन हजार रुपए से भी कम है। बिहार पर अभी 3.5 लाख करोड़ से ज्यादा का कर्ज है यानी एक बिहारी पर 25 हजार रुपए से ज्यादा कर्ज है। ऐसी स्थिति में बिहार को गरीबी से उबारने के लिए विशेष राज्य का दर्जा देना बेहद जरूरी हो जाता है।
राजद प्रवक्ता ने कहा कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव एवं पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राजद कई दिनों से बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने और बिहार को इसका वाजिब हक देने की मांग करती रही है लेकिन केन्द्र की राजग सरकार लगातार बिहार के साथ नाइंसाफी करती रही है। केन्द्र के पिछले बजट में बिहार को लेकर जो भी घोषणाएं की गई वह सब केवल भाषण तक हीं सिमट कर रह गयी।
राजद प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कई बार बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने का वादा कर चुके हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तो यहां तक कह दिया था कि वह उसी गठबंधन को समर्थन देंगे जो बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देगा। उन्होंने कहा कि 11 वर्षों से केन्द्र में डबल इंजन की सरकार के बाद भी यदि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिलता है तो इसका जवाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ हीं जनता दल यूनाईटेड (जदयू) को भी देना होगा।
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