मुंबई , जुलाई 16 -- केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने गुरुवार को कहा कि अगर श्री शरद पवार और उनकी पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी -एसपी (राकांपा-एसपी) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले सत्ताधारी गठबंधन (राजग) में शामिल होते हैं, तो उनका स्वागत किया जाएगा।

श्री अठावले ने नांदेड़ में संवाददाता सम्मेलन में कहा, "अभी भी श्री पवार के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंध (राजग) में शामिल होने में कोई दिक्कत नहीं है। अगर वह आज फैसला करते हैं, तो उनके आठ सांसद राजग में शामिल हो सकते हैं। अभी समय नहीं निकला है। श्री पवार अब भी फैसला ले सकते हैं। हम राजग में उनका स्वागत करेंगे और उनके अनुभव का लाभ उठाएंगे।"केंद्रीय मंत्री का यह बयान श्री पवार के नेतृत्व वाली राकांपा की राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले के उस बयान के ठीक एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने बुधवार को मुंबई में इस बात का पुरजोर खंडन किया था कि उनकी पार्टी का राजग में शामिल होने का कोई इरादा है। उन्होंने कहा था कि उनकी पार्टी कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन 'इंडिया ' गठबंधन के साथ बनी रहेगी।

श्री अठावले ने कहा, "श्री पवार एक अनुभवी नेता हैं। अगर श्री पवार 2014 या 2019 में राजग में शामिल हुए होते, तो वह भारत के राष्ट्रपति बन सकते थे। अगर श्री पवार राजग में शामिल होते और राष्ट्रपति बनने का प्रस्ताव रखते, तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उसे स्वीकार कर लेते।"श्री अठावले ने उन दिनों को याद किया जब वे केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंध (संप्रग) का हिस्सा थे। उन्होंने कहा, "तब मैं उनके (श्री शरद पवार) साथ था। अगर उन्होंने श्रीमती सोनिया गांधी के साथ अपने रिश्ते बेहतर किए होते, तो शायद डॉ. मनमोहन सिंह दूसरी बार प्रधानमंत्री बन सकते थे। उस समय, श्री पवार भी प्रधानमंत्री पद के दावेदार हो सकते थे।"श्री पवार से राजग में शामिल होने का आग्रह करने के बाद, श्री अठावले ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं को आरक्षण न देने का रुख अपनाया है। उन्होंने कहा, "हालांकि, आने वाले सत्र के दौरान संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक फिर से पेश किए जाएंगे और यह विधेयक निश्चित रूप से पास हो जाएंगा, क्योंकि राजग के पास पहले की तुलना में अब ज़्यादा ताकत है।" जनसंख्या के आधार पर अनुसूचित जाति (एससी) आरक्षण के उप-वर्गीकरण के मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दों पर चर्चा करने के लिए विपक्ष के नेता का दिल्ली में मौजूद होना ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी पिछले 20 दिनों से कहां हैं, इसकी कोई जानकारी नहीं है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित