पटना , जनवरी 22 -- बिहार विरासत विकास समिति, पटना की ओर से गुरूवार को राजकीय संरक्षित स्मारकों एवं पुरास्थलों की छाया प्रदर्शनी तथा विरासत प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

गोलघर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में राज्यभर में सुरक्षित घोषित कुल 56 राजकीय संरक्षित स्मारकों एवं पुरास्थलों की छाया प्रदर्शनी तथा विरासत प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य बिहार की समृद्ध ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन तथा विशेषकर युवाओं में विरासत के प्रति जागरूकता का प्रसार करना रहा।

विरासत प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में राजकीय कन्या मध्य विद्यालय, बांकीपुर की लगभग 250 छात्राएं तथा पटना विमेन्स कॉलेज, पटना कॉलेज एवं पटना विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बिहार विरासत विकास समिति की ओर से मुद्रित एटलस पुस्तक, स्मृति-चिह्न और प्रकाशित "बिहार की अमूर्त विरासत" विषयक कैलेंडर प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कला एवं संस्कृति विभाग के सचिव प्रणव कुमार ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया एवं इसकी सराहना करते हुए कहा कि विरासत किसी भी राष्ट्र की सांस्कृतिक पहचान और पूर्वजों की अमूल्य धरोहर होती है। उन्होंने कहा कि भारत विश्व की प्राचीनतम सभ्यताओं में से एक सिंधु घाटी सभ्यता से चली आ रही परंपराओं का संवाहक रहा है। शून्य की अवधारणा हो या आयुर्वेद में चरक एवं सुश्रुत का योगदान, ये सभी हमारी गौरवशाली विरासत का प्रमाण हैं, जिस पर हमें गर्व होना चाहिए। उन्होंने विरासत और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन की आवश्यकता पर बल देते हुए स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर बिहार विरासत समिति के कार्यपालक निदेशक कृष्ण कुमार ने विद्यार्थियों को संक्षिप्त मार्गदर्शन देते हुए कहा कि शिक्षा वह सशक्त माध्यम है, जिससे व्यक्ति अपनी वर्तमान परिस्थितियों से आगे बढ़ सकता है। उन्होंने छात्रों से अध्ययन के साथ-साथ प्रदर्शनी के माध्यम से अपनी विरासत को समझने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में अपर सचिव सह कार्यपालक निदेशक, बिहार विरासत विकास समिति, कृष्ण कुमार, कला एवं संस्कृति विभाग के सांस्कृतिक कार्य निदेशालय की निदेशक रूबी, संयुक्त सचिव महमूद आलम, विभाग के आंतरिक वित्तीय सलाहकार राणा रंजीत टुनटुन, उप कार्यपालक निदेशक अरविंद तिवारी, अमित रंजन, अनिल कुमार और विभाग के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन उप कार्यपालक निदेशक अरविंद कुमार तिवारी ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया।

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