दंतेवाड़ा , अक्टूबर 22 -- छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में मां दंतेश्वरी मंदिर में शारदीय नवरात्रि के दौरान वृंदा महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने रागी के लड्डुओं की बिक्री से लगभग 6.50 लाख रुपये की आमदनी अर्जित की। समूह की 10 महिलाओं ने जुलाई 2026 में इस पहल की शुरुआत की थी। जुलाई से सितंबर तक समूह ने लगभग 1.50 लाख रुपये की आमदनी अर्जित की थी।

जिला प्रशासन से आज मिली जानकारी के अनुसार लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित के अंतर्गत संचालित इस समूह की महिलाओं ने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक अनाज को आजीविका से जोड़ने के उद्देश्य से रागी के लड्डुओं का निर्माण शुरू किया। उत्पादों की गुणवत्ता, स्वाद और पैकेजिंग पर विशेष ध्यान देने से धीरे-धीरे इन्हें पहचान मिलने लगी।

शारदीय नवरात्रि के दौरान मां दंतेश्वरी के दर्शन के लिए दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं के बीच रागी के लड्डुओं की मांग बढ़ी। श्रद्धालुओं को मंदिर से प्रसाद के रूप में लड्डू अपने घर ले जाने का अवसर मिला, वहीं समूह की महिलाओं को बिक्री बढ़ाने और आमदनी अर्जित करने का मौका मिला।

समूह की महिलाएं अब रागी के लड्डुओं के अलावा महुआ के लड्डू, महुआ कुकीज, रागी कुकीज और कोदो कुकीज भी बना रही हैं। स्थानीय अनाज और वनोपज से तैयार इन उत्पादों के माध्यम से पारंपरिक संसाधनों को नए स्वरूप में बाजार तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

इस पहल से स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन मिलने के साथ ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार और आय के अवसर भी विकसित हो रहे हैं। समूह की महिलाओं के लिए यह प्रयास आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने और अपनी अलग पहचान स्थापित करने का माध्यम बन रहा है।

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