मुंबई , जून 19 -- शिवसेना (यूबीटी) में मची उथल-पुथल से महाराष्ट्र की राजनीति में पहले से ही भूचाल आया हुआ है, वहीं अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) खेमे में भी सेंधमारी के संकेत मिल रहे हैं। राकांपा ने इसके लिए एक बड़े 'ऑपरेशन' का इशारा किया है।

यह घटनाक्रम शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों को एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले खेमे में शामिल किये जाने से आये राजनीतिक भूकंप के तुरंत बाद हुआ है, जिसे स्थानीय स्तर पर 'ऑपरेशन टाइगर' नाम दिया गया है।

राकांपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री धर्मराव बाबा आत्राम ने सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि पार्टी शरद पवार गुट के प्रमुख नेताओं को अपने पाले में करने की कगार पर है।

श्री आत्राम ने कहा, "शरद पवार खेमे के कम से कम पांच सांसद और कई विधायक हमारे संपर्क में हैं और उन्होंने हमारे साथ आने की इच्छा जतायी है।" उन्होंने कहा कि यह दलबदल 12 दिसंबर तक औपचारिक रूप ले लेगा।

श्री आत्राम की टिप्पणियों ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। विश्लेषक इसकी तुलना पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अपनायी गयी रणनीति से कर रहे हैं, जिसने उद्धव ठाकरे गुट को काफी कमजोर कर दिया था। इस बयान से संकेत मिलता है कि राकांपा अब शरद पवार के नेतृत्व वाली पार्टी को विभाजित करने के लिए इसी तरह के 'ऑपरेशन' को दोहराने की तैयारी कर रहा है।

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