पुणे , मई 09 -- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा-एसपी) के प्रवक्ता विकास लवांडे पर शुक्रवार की रात स्याही फेंकने, बंदूक तानने और धमकी देने का मामला सामने आया है।
श्री लवांडे ने बताया कि जब वह आलंदी मातोबाची में एक प्रवचन कार्यक्रम समाप्त कर रात करीब 10 बजे लौट रहे थे। तभी हवेली तालुका में हरिभक्त परायण (एचबीपी) संग्राम भंडारे और उनके 10-15 समर्थक तीन चौपहिया वाहनों में आये और उनके वाहन को रोकर उन पर स्याही फेंकी तथा धक्का देकर फरार होने से पहले उन पर पिस्तौल भी तानी।
यह हमला श्री लवांडे के हाल ही में वारकरी संप्रदाय में 'घुसपैठ' को लेकर की गयी टिप्पणियों पर उपजे विवाद के बीच हुआ है।
इस घटना पर तीखी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं हुई हैं। राकांपा विधायक रोहित पवार और शिवसेना (यूबीटी) नेता सुषमा अंधारे ने इस घटना की निंदा की है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
घटना के बाद श्री लवांडे लोनी कालभोर पुलिस स्टेशन पहुंचे और उन्होंने संग्राम भंडारे तथा अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कराया।
आज सोशल मीडिया पोस्ट में श्री लवांडे ने घोषणा की कि जब तक आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक वह पुलिस स्टेशन में अपना सत्याग्रह जारी रखेंगे।
श्री रोहित पवार ने इस घटना की कड़ी निंदा की और आरोप लगाया कि प्रतिष्ठित वारकरी परंपरा में कथित घुसपैठ के बारे में सबूतों के साथ सवाल उठाने के कारण 'कट्टरपंथी तत्व' श्री लवांडे को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में श्री लवांडे को कोई नुकसान पहुंचता है तो इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी।
सुश्री सुषमा अंधारे ने कहा कि इस हमले ने उन लोगों की पोल खोल दी है, जिनका उनके अनुसार, वारकरी परंपरा के मूल्यों से कोई वास्तविक संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि संत और वारकरी आंदोलन क्रोध, घृणा और ईर्ष्या जैसी भावनाओं से कोसों दूर हैं। उन्होंने दावा किया कि हमलावरों के आचरण ने यह साबित कर दिया है कि संप्रदाय में 'नकली तत्व' घुस आये हैं।
पुलिस ने श्री लवांडे की दर्ज करायी शिकायत और आरोपों के संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
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