मुंबई , सितंबर 18 -- शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की स्थापना पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने संघर्ष एवं कड़े परिश्रम से की है और पार्टी की मूल पहचान और चुनाव चिह्न उन्हीं के पास रहना चाहिए।
टीएमसी का चुनाव चिह्न जब्त करने के मुद्दे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए श्री राउत ने कहा कि भारतीय राजनीति में महाराष्ट्र और मराठी नेतृत्व ने ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। उन्होंने टीएमसी की तुलना बालासाहेब ठाकरे द्वारा स्थापित शिवसेना और शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से करते हुए कहा कि टीएमसी पूरी तरह से ममता बनर्जी की पार्टी है।
श्री राउत ने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी राजनीतिक दलों को तोड़ने, चुने हुए प्रतिनिधियों को प्रभावित करने और चुनाव आयोग पर दबाव बनाने में शामिल हैं। उन्होंने संविधान की दसवीं अनुसूची का हवाला देते हुए कहा कि राजनीतिक दलों से जुड़े विवादों में इसके प्रावधानों की अनदेखी की जा रही है।
शिवसेना और शरद पवार की राकांपा से जुड़े पिछले विवादों का जिक्र करते हुए श्री राउत ने कहा कि मूल पार्टी के अस्तित्व की रक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि टीएमसी के चुनाव चिह्न को जब्त करने की कोई जरूरत नहीं थी और सुश्री बनर्जी को ही यह चुनाव चिह्न अपने पास रखने का अधिकार मिलना चाहिए।
श्री राउत ने कहा, "भले ही कोई नेता कितना भी अच्छा क्यों न हो, पार्टी की मालिक और उसके चुनाव चिह्न की असली हकदार सुश्री बनर्जी ही हैं, और यह चिह्न उन्हीं के पास रहना चाहिए।"श्री राउत ने बढ़ती महंगाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर भी निशाना साधा और दावा किया कि आवश्यक वस्तुओं व सेवाओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।
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