जयपुर , सितंबर 07 -- राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशानुरूप आगामी 10 दिसंबर को प्रवासी राजस्थानी दिवस तक अधिकाधिक एमओयू ग्राउंड ब्रेकिंग के लक्ष्य की दिशा में प्रभावी एवं समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिये हैं।

श्री श्रीनिवास सोमवार को शासन सचिवालय में आयोजित राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान हुए एमओयू की प्रगति एवं उनके क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिये। उन्होंने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि राइजिंग राजस्थान के माध्यम से प्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है। उन्होंने विभिन्न विभागों से संबंधित लंबित प्रकरणों की स्थिति की जानकारी लेते हुए इनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिये।

उन्होंने कहा कि निवेश परियोजनाओं से संबंधित आवश्यक प्रस्ताव एवं फाइलें शीघ्र प्रस्तुत की जायें। साथ ही संबंधित जिला कलेक्टरों के साथ सतत समन्वय स्थापित कर परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने विशेष रूप से ऊर्जा एवं राजस्व विभाग से अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

उन्होंने भूमि संबंधी प्रकरणों के त्वरित निस्तारण को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि भूमि की पहचान एवं आवंटन से जुड़े मामलों का शीघ्र समाधान किया जाये, ताकि निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब न हो और परियोजनाओं को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया में तेजी लायी जा सके।

बैठक में उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल ने विभागवार प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि राइजिंग राजस्थान के अंतर्गत 35 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव विभिन्न चरणों में हैं। इनमें आठ लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि आगामी लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए जिन प्रकरणों में स्वीकृति दी जानी है, उनमें अनावश्यक विलंब न हो और उन्हें शीघ्र अनुमोदित किया जाये। जिन प्रकरणों में स्वीकृति संभव नहीं है, उनमें भी तत्काल निर्णय लेकर उन्हें लंबित न रखा जाये। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करते हुए अनावश्यक रूप से कोई प्रकरण लंबित नहीं रखा जाये।

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