रांची , मार्च 29 -- झारखंड की राजधानी रांची में इन दिनों ड्रग्स तस्करी का तरीका तेजी से बदल रहा है।

अब तस्कर पुलिस की नजरों से बचने के लिए डाक सेवा का सहारा ले रहे हैं। इस नए ट्रेंड को देखते हुए पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है और संदिग्ध पार्सलों पर कड़ी नजर रख रही है। पिछले दो वर्षों में रांची पुलिस ने करीब तीन दर्जन ड्रग्स पैडलर्स को गिरफ्तार किया है। खासकर सुखदेव नगर और पंडरा इलाकों में लगातार कार्रवाई की गई है। लेकिन अब तस्करों ने तस्करी का नया तरीका अपनाते हुए देश-विदेश से मादक पदार्थ डाक के जरिए मंगवाना शुरू कर दिया है।

हाल के दिनों में रांची में तीन बड़े मामले सामने आए हैं, जिनमें डाक के जरिए ड्रग्स मंगवाए गए। एक मामले में नीदरलैंड से खतरनाक एलएसडी (लाइसर्जिक एसिड डाइथायलैमाइड) की खेप हेहल पोस्ट ऑफिस पहुंची थी, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया। इससे पहले पंडरा इलाके से दो पैडलर्स को गिरफ्तार कर उनके पास से 100 एलएसडी बरामद किया गया था, जबकि बाद में 50 और एलएसडी की खेप भी जब्त की गई।

17 मार्च को पुलिस को सूचना मिली कि पंडरा के जतरा मैदान में स्पीड पोस्ट के जरिए ड्रग्स की डिलीवरी होने वाली है। इसके बाद छापेमारी कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से 10.92 ग्राम चरस और अन्य सामग्री बरामद हुई। आरोपी ने खुलासा किया कि ड्रग्स को गलत नाम-पते से मंगवाकर शहर में ऊंची कीमत पर बेचा जाता है।

जांच में यह भी सामने आया है कि ड्रग्स पैडलर्स डार्क वेब और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए विदेशों से ड्रग्स मंगवा रहे हैं। एलएसडी जैसी खतरनाक ड्रग्स को ग्रीटिंग कार्ड और पार्सल के जरिए छिपाकर भेजा जा रहा है।

तस्कर शातिराना तरीके से गलत एड्रेस का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन अपना मोबाइल नंबर सही देते हैं। जब डाकिया एड्रेस नहीं ढूंढ पाता, तो फोन कर संपर्क करता है और तस्कर मौके पर पहुंचकर पार्सल ले लेते हैं।

कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय के नेतृत्व में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि पोस्ट ऑफिस के जरिए आने वाले हर संदिग्ध पार्सल पर गुप्त नजर रखी जा रही है। डाक विभाग को भी अलर्ट किया गया है। पुलिस का कहना है कि "नो टॉलरेंस" नीति के तहत ड्रग्स तस्करों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी और ऐसे हर नेटवर्क को तोड़ा जाएगा।

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