रांची , जुलाई 16 -- झारखंड की राजधानी रांची के ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर में गुरुवार से विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा महापर्व और 10 दिवसीय रथ मेले का शुभारंभ हो गया।
भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की भव्य रथयात्रा आज शाम 5 बजे निकलेगी। सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा और भगवान के दर्शन के लिए करीब दो किलोमीटर लंबी कतार लग गई।
मंदिर में सुबह 4 बजे पूजा-अर्चना और मंगल आरती के साथ धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हुई। भगवान के 15 दिनों के एकांतवास के बाद बुधवार को नेत्रदान की परंपरा पूरी की गई थी। इसके उपरांत 108 दीपों से भव्य मंगल आरती की गई और भगवान को मालपुआ का भोग अर्पित किया गया। सुबह 5 बजे से श्रद्धालुओं के लिए श्रीविग्रहों के दर्शन शुरू हुए।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शाम 5 बजे भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा रथ पर सवार होकर मौसीबाड़ी के लिए प्रस्थान करेंगे। हजारों श्रद्धालु धर्मरथ को खींचते हुए भगवान को मौसीबाड़ी तक पहुंचाएंगे। यह ऐतिहासिक रथ मेला 10 दिनों तक चलेगा, जबकि 25 जुलाई को घुरती रथयात्रा के साथ भगवान पुनः अपने मंदिर लौटेंगे।
रथयात्रा और मेले को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। पूरे मेला क्षेत्र में करीब 2,000 पुलिस जवानों की तैनाती की गई है। आयोजन समिति की ओर से 100 निजी सुरक्षा गार्ड भी लगाए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए 215 सीसीटीवी कैमरों तथा चार ड्रोन के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि आयोजन शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके।
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए 16 से 25 जुलाई तक विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है। बिरसा चौक की ओर से आने वाले श्रद्धालु अपने वाहन शहीद मैदान में पार्क करेंगे, जबकि तुपुदाना, हटिया और धुर्वा की ओर से आने वाले वाहनों के लिए प्रभात तारा मैदान को पार्किंग स्थल बनाया गया है। रिंग रोड से आने वाले वाहनों के लिए भी वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं।
प्रशासन ने तिरिल मोड़ से मौसीबाड़ी गोलचक्कर, शहीद मैदान से मौसीबाड़ी गोलचक्कर तथा प्रभात तारा मैदान से जगन्नाथपुर बाजार तक कार, ऑटो, सवारी वाहन और दोपहिया वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया है। इसके अलावा बिरसा चौक, एचईसी और विधानसभा की ओर से आने वाले वाहनों के लिए भी वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और मेला क्षेत्र में यातायात सुचारु बना रहे।
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