होशियारपुर , मई 16 -- पंजाब के जेल मंत्री डॉ रवजोत सिंह शनिवार को होशियारपुर के सिविल अस्पताल पहुंचे और चक समाना गांव में बोरवेल से करीब नौ घंटे लंबे बचाव अभियान के बाद सुरक्षित निकाले गए चार वर्षीय गुरकरण सिंह का हालचाल जाना।

मंत्री ने डॉक्टरों की टीम के साथ बच्चे की स्वास्थ्य स्थिति की समीक्षा की और उसका इलाज कर रहे मेडिकल स्टाफ से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बच्चे के परिवार से भी मुलाकात की।

अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार देर रात करीब 12:40 बजे बोरवेल से सुरक्षित बाहर निकाले गए गुरकरण सिंह को तुरंत चिकित्सा जांच और उपचार के लिए अस्पताल लाया गया था। फिलहाल वह डॉक्टरों की निगरानी में है और धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहा है।

डॉ रवजोत सिंह ने कहा कि बच्चे की हालत स्थिर है और उसने सुबह तरल पदार्थ भी लिया। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम लगातार उसके स्वास्थ्य पर नजर रख रही है। उन्होंने कहा, "बच्चा अच्छी तरह से स्वस्थ हो रहा है। जरूरी जांचें करवाई गई हैं। लंबे समय तक मिट्टी और धूल के संपर्क में रहने के कारण हल्का संक्रमण पाया गया है, जो ऐसी स्थिति में सामान्य बात है।" उन्होंने बताया कि धूल के कणों से हुई जलन के कारण बच्चे की आंखों की भी जांच करवाई गई है और उसे 48 घंटे तक निगरानी में रखा जाएगा। यदि उसकी स्थिति में इसी तरह सुधार जारी रहा तो सोमवार तक उसे अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है।

अस्पताल अधिकारियों ने बताया कि बच्चे की आंखों में मामूली जलन का उपचार किया गया है और उसकी बाकी हालत स्थिर है। वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवजोत सिंह और डॉ. नेहा पाल ने कहा कि एहतियात के तौर पर गुरकरण को निगरानी में रखा गया है। उन्होंने कहा कि बच्चा उपचार पर अच्छी प्रतिक्रिया दे रहा है और उसके पूरी तरह स्वस्थ होने की उम्मीद है। मंत्री ने बच्चे के प्रति स्नेह जताते हुए उसे फल, खिलौने और पानी की बोतल भी भेंट की।

गौरतलब है कि बच्चे को एक जटिल बचाव अभियान के बाद बोरवेल से बाहर निकाला गया था। इस अभियान में राष्ट्रीय आपदा बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा बल (एसडीआरएफ), पंजाब पुलिस, जिला प्रशासन, अग्निशमन विभाग और स्थानीय लोगों ने पूरी रात मिलकर काम किया था।

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