नयी दिल्ली , जुलाई 20 -- संसद के मानसून सत्र की शुरुआत पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संबोधन के बाद कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सरकार पर पलटवार करते हुए कहा कि सरकार असली मुद्दों से बच रही है।

श्री रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में हमेशा की तरह "बड़ी-बड़ी बातें" कीं लेकिन देश के वास्तविक और गंभीर मुद्दों पर पूरी तरह से चुप्पी साधे रखे।

कांग्रेस महासचिव ने सोशल मीडिया पर कहा कि विपक्ष मानसून सत्र में उन मुद्दों को मजबूती से उठाएगा जिनका श्री मोदी ने अपने संबोधन में कोई उल्लेख नहीं किया। उन्होंने कहा कि इनमें अयोध्या के राम मंदिर में कथित "चढ़ावा चोरी और आस्था से धोखा" का मामला, नीट पेपर लीक और सीबीएसई कक्षा 12 बोर्ड परीक्षा की अव्यवस्थाएं, विपक्षी दलों को तोड़ने के लिए कथित तौर पर अपनाए जा रहे हथकंडे और वित्तीय प्रलोभन, केंद्र सरकार के कई मंत्रियों तथा भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों पर लगे भ्रष्टाचार और हितों के टकराव के आरोप शामिल हैं।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार परिसीमन प्रक्रिया, 'वन नेशन, वन इलेक्शन' और मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) विधेयक जैसे कदमों के जरिए लोकतंत्र और संविधान के संघीय ढांचे को कमजोर करने का प्रयास कर रही है।

इससे पहले संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने बिना नाम लिए विपक्ष के नेता विपक्ष "राहुल गांधी" पर तंज कसते हुए कहा, भारत के युवाओं ने अंतरिक्ष में नई यात्रा शुरू की है। मैं 56 साल के युवा की बात नहीं कर रहा हूं।" प्रधानमंत्री की इस टिप्पणी को श्री गांधी की ओर इशारा माना जा रहा है, जिनका 19 जून को 56वां जन्मदिन था। प्रधानमंत्री की इस टिप्पणी के बाद कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि सरकार को व्यक्तिगत कटाक्ष करने के बजाय संसद में जनता से जुड़े मुद्दों पर जवाब देना चाहिए। विपक्ष ने संकेत दिया है कि मानसून सत्र में इन सभी विषयों पर सरकार को घेरने की रणनीति अपनाई जाएगी।

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