पटना , अप्रैल 30 -- राज्य के वैसे किसान जिन्होंने बिहार राज्य फसल सहायता योजना के तहत रबी 2025-26 के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है, लेकिन उनके आवेदन में किसी तरह की त्रुटि रह गई है, तो उन्हें परेशान होने की आवश्यकता नहीं है।

बिहार सरकार का सहकारिता विभाग उन्हें अपने आवेदन में सुधार करने का मौका दे रहा है। किसान इस योजना के तहत अपने दिए गए आवेदन में अब सात मई 2026 तक सुधार कर सकते हैं। इसके लिए आवेदक किसान सहकारिता विभाग की वेबसाइट पर जाकर ओटीपी के माध्यम से आवेदन में अपेक्षित सुधार कर सकते हैं।

विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, किसी कारण से बिहार राज्य फसल सहायता योजना रबी 2025-26 के आवेदन में सुधार, जैसे आच्छादित फसल, भूमि रकबा में परिवर्तन आदि की आवश्यकता हो, तो किसान सात मई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन में अपेक्षित सुधार कर सकते हैं। वहीं, सात मई 2026 के बाद आवेदित विवरण में परिवर्तन या सुधार के लिए अनुरोध मान्य नहीं होगा। विशेष जानकारी के लिए किसान विभागीय टोल फ्री नंबर 18003454110 पर कॉल कर सकते हैं।

गौरतलब है कि बिहार राज्य फसल सहायता योजना, बिहार सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसे सहकारिता विभाग के स्तर से संचालित किया जाता है। इस योजना के तहत बिहार सरकार प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि या अत्यधिक वर्षा से फसल नुकसान पर किसानों को वित्तीय सहायता देती है। इस योजना के तहत किसानों को कोई प्रीमियम नहीं देना पड़ता है। इस योजना के तहत खरीफ और रबी दोनों मौसमों में फसलों का 20 प्रतिशत तक नुकसान होने पर किसानों को प्रति हेक्टेयर 7,500 रुपये तथा 20 प्रतिशत से अधिक नुकसान होने पर प्रति हेक्टेयर 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जो अधिकतम दो हेक्टेयर भूमि तक के लिए मान्य होता है। बिहार के रैयत, गैर-रैयत और आंशिक रैयत किसान इसके पात्र हैं।

बिहार राज्य फसल सहायता योजना का मूल उद्देश्य फसलों के उत्पादन में ह्रास की परिस्थितियों में किसानों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराते हुए उन्हें अगली फसल के उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करना, प्रतिकूल परिस्थितियों में किसानों की आय में निरंतरता बनाए रखना तथा किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करते हुए राज्य में कृषि को लाभप्रद व्यवसाय के रूप में विकसित करना है। इस योजना के तहत अनुमान्य सहायता राशि का भुगतान लाभार्थी किसानों को डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खाते में भुगतान किया जाता है।

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