धार , सितंबर 23 -- मध्यप्रदेश में धार के सरदारपुर तहसील के 66 गांवों में नर्मदा माइक्रो सिंचाई परियोजना के लंबित कार्य रबी सीजन से पहले पूरे कराने और किसानों को सिंचाई के लिए नर्मदा जल उपलब्ध कराने की मांग को लेकर बुधवार को विधायक प्रताप ग्रेवाल के नेतृत्व में किसानों ने कलेक्टर राजीव रंजन मीणा को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में सरदारपुर तहसील के सिंचाई तालाबों में नर्मदा जल छोड़ने के साथ ही बारिश की कमी को देखते हुए पूरे धार जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग भी की गई।
ज्ञापन में बताया गया कि नर्मदा-झाबुआ-थांदला-पेटलावद-सरदारपुर माइक्रो सिंचाई परियोजना का काम वर्ष 2018 में शुरू हुआ था और इसे वर्ष 2022 तक पूरा किया जाना था। निर्धारित समय-सीमा बीतने के बाद भी परियोजना के कई कार्य अधूरे हैं। वहीं, कुछ स्थानों पर पूर्ण हो चुके कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी किसानों ने शिकायतें की हैं।
तालाबों में पानी भरकर कराई जाए टेस्टिंगविधायक ने कहा कि इस वर्ष कम बारिश के कारण रबी फसल की सिंचाई को लेकर किसानों के सामने संकट की स्थिति है। ऐसे में परियोजना के तहत निर्मित सिंचाई तालाबों को खाली रखने के बजाय टेस्टिंग के दौरान नर्मदा जल से भरकर उनकी उपयोगिता सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि किसानों को रबी फसल के लिए सिंचाई का लाभ मिल सके। उन्होंने 66 गांवों में लंबित कार्यों की ग्रामवार समीक्षा कर उन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा कराने की मांग की। साथ ही गुणवत्ताविहीन या अधूरे कार्यों की तकनीकी जांच कराने और संबंधित ठेकेदार या एजेंसी से सुधार कार्य करवाने की बात कही।
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