कोलकाता , मई 07 -- पश्चिम बंगाल में बारासात सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ के शव का गुरुवार को पोस्टमार्टम वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ कराया गया।

अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट एवं उप-प्राचार्य डॉ. अविजीत साहा ने बताया कि शव को तड़के करीब तीन बजे अस्पताल लाया गया था और सुबह साढ़े नौ बजे पोस्टमार्टम शुरू हुआ। फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख की अगुवाई में तीन सदस्यीय टीम ने पोस्टमार्टम किया।

श्री साहा ने बताया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरी प्रक्रिया मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में संपन्न हुई। शव का पोस्टमार्टम फोरेंसिक मेडिसिन और टॉक्सिकोलॉजी विभाग के प्रमुख की अगुवाई वाली तीन-सदस्यीय फोरेंसिक टीम द्वारा किया गया।

प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार श्री रथ को तीन गोलियां लगी थीं, जिनमें दो सीने और एक पेट में लगी। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उनके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया। घटना में घायल चालक बुद्धदेव धरा का ईएम बाईपास स्थित एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन किया गया, जहां उनके शरीर से गोलियां निकाली गयीं। अस्पताल सूत्रों ने बताया कि उनकी हालत स्थिर है।

इस बीच पुलिस ने मामले की जांच के लिए सीआईडी, स्थानीय पुलिस, विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और खुफिया शाखा के अधिकारियों को शामिल करते हुए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया है। सूत्रों के अनुसार तीन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। इसके अलावा उत्तरी बंगाल के सिलीगुड़ी में पुलिस ने मातिगारा के एक निवासी से पूछताछ की, जिसकी गाड़ी का पंजीकरण नंबर, मेक और मॉडल उस गाड़ी से मेल खाता था, जिसका इस्तेमाल श्री रथ को गोली मारे जाने से पहले उनकी एसयूवी का रास्ता रोकने के लिए किया गया था।

श्री रथ की बुधवार को उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके में नजदीक से गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी।

इस बीच पुलिस ने जांच के दौरान उस चांदी के रंग की निसान माइक्रा कार का पता लगाया, जिसका इस्तेमाल हमलावरों ने श्री रथ की एसयूवी को रोकने के लिए किया था। कार घटनास्थल पर छोड़ दी गयी थी।

पुलिस महानिदेशक सिद्ध नाथ गुप्ता ने पत्रकारों को बताया कि घटनास्थल से एक कार, इस्तेमाल किये गये कारतूस के खोखे और ज़िंदा कारतूस बरामद किये गये हैं। कार का पंजीकरण नंबर सिलीगुड़ी निवासी विलियम जोसेफ के वाहन से मेल खाने पर पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया। जोसेफ ने बताया कि उन्होंने दो सप्ताह पहले अपनी कार बिक्री के लिए विज्ञापित की थी और आशंका जतायी कि वहीं से वाहन का पंजीकरण विवरण लीक हुआ होगा तथा किसी ने क्लोन नंबर प्लेट का इस्तेमाल किया।

जोसेफ ने पूछताछ के बाद मीडिया से कहा, "उन्होंने मुझे हत्या के बारे में बताया और पूछा कि मैं उस समय कहां था। मैंने उन्हें बताया कि मैं सिलीगुड़ी में था और कार मेरे घर के गराज में खड़ी थी।"कोलकाता के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, हमले में इस्तेमाल की गयी कार के चेसिस नंबर के साथ छेड़छाड़ की गयी थी और उसे मिटा दिया गया था। हमले के बारे में बात करते हुए अधिकारी ने बताया कि करीब 10 गोलियां चलायी गयीं।

पुलिस ने आसपास की बहुमंजिला इमारतों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमलावरों ने एसयूवी को दोनों ओर से घेरकर चालक और सह-चालक की ओर से गोलियां चलायीं और बाद में मोटरसाइकिलों से फरार हो गये।

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