भुवनेश्वर , जुलाई 17 -- ओडिशा में पुरी के गजपति महाराज दिब्यसिंह देब ने शुक्रवार को कहा कि भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के तीनों रथों का श्री गुंडिचा मंदिर पहुंचना मुश्किल होगा, भले ही सूर्यास्त के बाद कृत्रिम रोशनी में रथ खींचने की कोशिश की जाए।

गजपति महाराजा ने एक वीडियो संदेश में कहा कि गुरुवार को रथ खींचने का काम शाम करीब 5 बजे शुरू हुआ, जिससे दिन की रोशनी केवल डेढ़ घंटे (शाम 6.00-6.30 बजे तक) ही बची रही।

उन्होंने अंधेरा होने के बाद कृत्रिम रोशनी की मदद से रथों को थोड़ा और आगे खींचने की बात कही लेकिन तीनों रथों के उसी दिन श्री गुंडिचा मंदिर पहुंचने की उम्मीद करना बेमानी होगा। उन्होंने पिछली रथयात्राओं को याद करते हुए कहा कि जिन वर्षों में रथ खींचने का काम बहुत पहले यानी दोपहर 2.30 या 3.00 बजे शुरू हुआ था, तब भी तीनों रथ हमेशा पहले दिन गुंडिचा मंदिर नहीं पहुंच पाए थे।

गजपति महाराजा ने कहा कि इस देरी का फायदा भी है क्योंकि भक्तों को दो दिनों तक रथ पर महाप्रभु के दर्शन करने का मौका मिलेगा।

उन्होंने इसे भगवान जगन्नाथ की दिव्य यात्रा का एक अहम हिस्सा बताया और कहा कि ऐसे मौकों पर भक्तों को सालाना रथयात्रा के दौरान भगवान की उपस्थिति में अधिक समय बिताने का मौका मिलता है।

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