मुंबई , मार्च 19 -- महाराष्ट्र में रत्नागिरी जिले में भगोड़े अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से जुड़ी पैतृक कृषि भूमि की लंबे समय से लंबित नीलामी को आखिरकार खरीदार मिल गया है। केंद्र सरकार की नीलामी के दौरान मुंबई के एक बोलीदाता ने सभी चार भूखंडों के लिए सबसे ऊंची बोली लगायी है।

पांच मार्च को आयोजित की गयी नीलामी कासकर परिवार से संबंधित संपत्तियों के निपटान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अधिकारियों ने इस घटनाक्रम को अंडरवर्ल्ड नेटवर्क से जुड़ी संपत्तियों को बेचने की प्रक्रिया में एक प्रमुख कदम बताया है।

अधिकारियों के अनुसार, चारों कृषि भूखंड दाऊद इब्राहिम के पैतृक गांव रत्नागिरी के खेड़ तालुका के मुमके गांव में स्थित हैं। इनमें से कई संपत्तियां उसकी मां अमीना बी के नाम पर दर्ज थीं।

अभी तक सफल मुंबई बोलीदाता की पहचान नहीं बतायी गयी हैं। नीलामी की शर्तों के अनुसार, बोलीदाता को अप्रैल 2026 की शुरुआत तक पूरा भुगतान करना होगा। सक्षम प्राधिकारी से मंजूरी मिलने के बाद अधिग्रहण और हस्तांतरण की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जायेगा।

इन संपत्तियों की नीलामी के पिछले प्रयास खरीदारों को आकर्षित करने में विफल रहे थे। नवंबर 2025 में, अधिकारियों ने आरक्षित मूल्य में लगभग 30 प्रतिशत की कटौती की थी, लेकिन तब भी कोई बोली प्राप्त नहीं हुई थी। अधिकारियों ने कहा कि दाऊद के नाम से जुड़ा खौफ, संपत्तियों का ग्रामीण क्षेत्र में होना और कानूनी पेचीदगियों जैसे कारणों ने खरीदारों को पीछे हटने पर मजबूर किया।

ताजा नीलामी में सर्वे नंबर 442 (हिस्सा नंबर 13-बी) वाले भूखंड को, जिसका आरक्षित मूल्य 9.41 लाख रुपये था, दो बोलीदाताओं की भागीदारी के बाद 10 लाख रुपये से अधिक में बेचा गया। शेष तीन भूखंड- सर्वे नंबर 533, 453 और 617के लिए केवल एक ही बोलीदाता सामने आया, जिसने उन सभी को खरीद लिया।

इन संपत्तियों को पिछले दशक में कई बार नीलामी के लिए रखा गया है। इसमें 2017, 2020, 2024 और 2025 शामिल हैं, लेकिन अधिकतर प्रयास या तो विफल रहे या उनमें बहुत कम भागीदारी देखी गयी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित