मुंबई , दिसंबर 06 -- टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा की माँ और दिवंगत रतन टाटा की सौतेली माँ सिमोन टाटा को शनिवार सुबह दक्षिण मुंबई के कोलाबा स्थित 'कैथेड्रल ऑफ द होली नेम' में अंतिम श्रद्धांजलि दी गयी।

श्रीमती सिमोन टाटा का शुक्रवार सुबह 95 वर्ष की आयु में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में संक्षिप्त बीमारी के बाद निधन हो गया। वह पर्किंसस रोग से जूझ रही थीं। 2006 में सार्वजनिक जीवन से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने खुद को सुर्खियों से दूर रखा और उनकी आखिरी सार्वजनिक उपस्थिति अक्टूबर 2024 में उनके सौतेले बेटे रतन टाटा के अंतिम संस्कार के समय थी।

श्रद्धांजलि के बाद श्रीमति सिमोन टाटा के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने वालों में उनके बेटे नोएल टाटा, पोती माया टाटा, पोते नेविल टाटा, मानसी टाटा, सौरभ अग्रवाल, शापूरजी पल्लोनजी समूह के शापूरजी मिस्त्री, प्रवीर सिन्हा, जमशेद गोदरेज, नादिर गोदरेज (गोदरेज समूह से), प्रसिद्ध वास्तुकार हफ़ीज़ कॉन्ट्रैक्टर और कई अन्य लोग शामिल थे।

इस बीच, मुंबई में स्विट्जरलैंड के वाणिज्य दूतावास ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया 'एक्स' पर पोस्ट किया, "हम सिमोन टाटा के निधन पर शोक व्यक्त करते हैं, वह एक वास्तव में कार्यकुशल महिला थीं जिनकी उपलब्धियों और शालीनता ने कई लोगों को छुआ। उनकी विरासत पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। उनकी आत्मा को शांति मिले। हमारी संवेदनाएँ और प्रार्थनाएँ टाटा परिवार के साथ हैं।"सिमोन टाटा का जन्म 1930 में स्विट्जरलैंड के जिनेवा में सिमोन डुनोयर के रूप में एक फ्रांसीसी भाषी रोमन कैथोलिक परिवार में हुआ था। उन्होंने पहली बार 1953 में एक पर्यटक के रूप में भारत का दौरा किया, जिसके दौरान उनकी मुलाकात नवल एच टाटा से हुई। दोनों को प्रेम हो गया, परिणामस्वरूप 1955 में उनका विवाह हुआ। शादी के बाद वह स्थायी रूप से मुंबई में आकर बस गयीं।

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