श्रीनगर , जून 09 -- आज देश की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक जोजिला सुरंग बड़ी उपलब्धि हासिल करने जा रही है। विस्फोट के जरिए सुरंग के दोनों सिरों को जोड़ने की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही कश्मीर घाटी और लद्दाख के बीच का संपर्क अब आसान हो जाएगा।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी जोजिला टनल के पूर्वी पोर्टल पर होने वाले ब्रेकथ्रू समारोह में शामिल होंगे। अधिकारियों के मुताबिक कश्मीर में बालटाल और लद्दाख में मीनामार्ग से बन रही सुरंग के दोनों सिरों के मिलने में अब बस तीन मीटर के आसपास चट्टान बची है।

श्री गडकरी ने सोशल मीडिया पर लिखा, "हिमालय की दुर्गम ऊंचाइयों पर आकार ले रही भारत की सबसे चुनौतीपूर्ण अवसंरचना परियोजना जोजिला टनल! मुख्य 'टनल ब्रेकथ्रू' समारोह, 9 जून 2026।"मंत्री के सुरंग के लद्दाख वाले हिस्से से 'ब्रेकथ्रू पॉइंट' तक पहुंचने का कार्यक्रम है। दोनों सिरों को जोड़ने वाले आखिरी धमाके के बाद इस ऐतिहासिक उपलब्धि के प्रतीक के तौर पर सीमित संख्या में गाड़ियों को सुरंग से गुजरने की इजाजत दी जाएगी। मंत्री सुरंग का निरीक्षण करते हुए ब्रेकथ्रू समारोह में शामिल होंगे और पूर्वी पोर्टल पर सुरंग के कर्मचारियों के साथ बैठक करेंगे।

परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार यह ब्रेकथ्रू 13 किलोमीटर से अधिक लंबी सुरंग की खुदाई के अहम चरण के पूरा होने का संकेत है। यह सुरंग कश्मीर और लद्दाख के बीच हर मौसम में संपर्क करने के लिए बनाई जा रही है।

मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एमईआईएल) के संयुक्त मुख्य परिचालन अधिकारी हरपाल सिंह ने पहले कहा था कि 13,155 मीटर लंबी सुरंग की खुदाई का काम आखिरी चरण में है और दोनों तरफ की टीमें सुरंग के अंदर एक प्रतीकात्मक पल में मिलेंगी।

श्री सिंह ने कहा, "ब्रेकथ्रू के बाद दोनों तरफ के लोग सुरंग के अंदर हाथ मिलाएंगे। यह एक ऐतिहासिक पल होगा और इससे आगे का काम आसान हो जाएगा।"उल्लेखनीय है कि दुनिया के सबसे मुश्किल इलाकों में से एक में बनी जोजिला सुरंग भारत की सबसे लंबी सड़क सुरंग और एशिया की सबसे लंबी दो-तरफा सुरंग बनने जा रही है। यह सोनमर्ग और द्रास के बीच यात्रा के समय को लगभग तीन घंटे से घटाकर करीब 15 मिनट कर देगी।

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