नयी दिल्ली , मई 13 -- रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ देश के प्रमुख रणनीतिक मंच 'कलम और कवच' के तीसरे संस्करण का गुरुवार को यहां मानेकशॉ सेंटर में उद्घाटन करेंगे। रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि इस सम्मेलन में वरिष्ठ नीति निर्माता, सैन्य नेतृत्व, रक्षा उद्योग से जुड़े हितधारक, राजनयिक, नवप्रवर्तक, स्टार्ट-अप, शिक्षाविद् और रणनीतिक विशेषज्ञ देश में रक्षा क्षेत्र में निरंतर हो रहे बदलावों, स्वदेशी क्षमता विकास और भविष्य की युद्ध तैयारी पर विचार-विमर्श करेंगे।
यह सम्मेलन सेनाओं में संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और नवाचार की रणनीतिक दृष्टि पर केंद्रित है साथ ही इसमें स्वदेशीकरण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर विशेष जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा लक्ष्यों और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना के अनुरूप एकीकृत सैन्य क्षमता विकास, तकनीकी नवाचार और रणनीतिक साझेदारियों पर चर्चा को आगे बढ़ाना है।
इस आयोजन में उच्च स्तरीय रणनीतिक सत्रों, मुख्य वक्तव्यों, संवाद सत्रों और औद्योगिक सहभागिताओं की श्रृंखला शामिल होगी, जिनका केंद्र भारत के रक्षा और सुरक्षा परिदृश्य का भविष्य रहेगा। इसमें प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी, रक्षा मंत्रालय, मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी, मित्र देशों के राजदूत, रक्षा अताशे, वैश्विक रक्षा निगम, भारतीय उद्योग जगत की प्रमुख हस्ती , सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, स्टार्ट-अप और प्रमुख रणनीतिक चिंतन संस्थानों की भागीदारी होगी। उद्घाटन सत्र में एकीकृत रक्षा स्टाफ के प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित का विशेष संबोधन भी होगा, साथ ही रणनीतिक एवं रक्षा तंत्र के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे।
इस दौरान मुख्य विषयगत चर्चाओं में भारत की युद्ध क्षमता को भविष्य के अनुरूप बनाए रखने पर जोर दिया जाएगा, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित युद्ध प्रणाली, स्वायत्त प्रणाली, हाइपरसोनिक प्रौद्योगिकी, क्वांटम-सक्षम कमान, नियंत्रण, संचार, कंप्यूटर, खुफिया, निगरानी और टोही (सी4आईएसआर) क्षमता, उभरते अंतरिक्ष और निम्न-पृथ्वी कक्षा संबंधी खतरे तथा तीनों सेवाओं में एकीकरण शामिल होंगे। साझेदारी से क्षमता निर्माण तक की चर्चा में रणनीतिक वैश्विक साझेदारी, सह-विकास मॉडल, उन्नत रक्षा विनिर्माण और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण ढांचों का परीक्षण किया जाएगा।
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