भरतपुर , जून 12 -- राजस्थान में सवाईमाधोपुर के रणथंभौर में गणेश धाम गेट पर साधु संतों के धरने के बाद वन विभाग एवं जिला प्रशासन चिंतित हो गये हैं।
गुरुवार देर रात को अचानक धरने पर बैठे साधु संतों को शुक्रवार सुबह से ही समझाने के प्रयास किये जा रहे है। वन विभाग के सूत्रों के अनुसार मध्यप्रदेश से 84 कोस की पैदल परिक्रमा करते हुए गुरुवार शाम को गणेश धाम पहुंचे साधु संत गणेश धाम से पैदल ही त्रिनेत्र गणेश मंदिर पर जाने की मांग पर अड़े हुए हैं। नियमानुसार वन विभाग की ओर से यहां बाघों की गतिविधियों के चलते किसी को भी पैदल और दुपहिया वाहन से त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर जाने अनुमति नहीं है।
इस बीच, मध्य प्रदेश से आये ओम गिरी नारायण संत ने गुरुवार देर रात से ही मांग पूरी नहीं होने तक जल और अन्न ग्रहण नहीं करने की घोषणा करते हुए चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गयी, तो कल से पांच संत अन्न जल त्याग देंगे।
वन विभाग का कहना है कि यहां पूर्व में बाघ के हमले में तीन लोगों की मौत भी हो चुकी है। इसलिए सुरक्षा की दृष्टि से इस रास्ते में पैदल नहीं जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती हैं। फिलहाल साधु संतों को चौपहिया वाहनों से त्रिनेत्र गणेश मंदिर भेजने के लिए समझाया जा रहा है।
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