नागपुर , अप्रैल 21 -- महाराष्ट्र के नागपुर में रणजी ट्रॉफी में खेलने का अवसर देने के बहाने आंध्र प्रदेश के दो युवाओं से कथित तौर पर 20 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी की पहचान नागपुर के अनंतनगर निवासी और मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले काजी जीशान अहमद के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा के रहने वाले शिकायतकर्ता कोल्लू वीरा वेंकट फणींद्र कुमार (27) क्रिकेट से संबंधित सामग्री खोजते समय इंस्टाग्राम के माध्यम से आरोपी के संपर्क में आये थे। आरोपी ने खुद को नागपुर की एक स्पोर्ट्स अकादमी में कोच के रूप में पेश किया और रणजी टीम में चयन का लालच देकर उन्हें फंसा लिया।
उन्होंने बताया कि आरोपी के निर्देशों के बाद पीड़ित ने जून 2023 में नागपुर का दौरा किया। बाद में आरोपी ने विजयवाड़ा में पीड़ित के घर का दौरा किया उसके परिवार का विश्वास जीता और यह दावा करते हुए पैसों की मांग की कि टीम में जगह सुरक्षित करने के लिए इसकी आवश्यकता है। नवंबर 2023 और उसके बाद के महीनों के बीच पीड़ित और उसके परिवार ने आरोपी को 9.92 लाख रुपये ट्रांसफर किये। इसी दौरान आरोपी ने कोल्लू के दोस्त, नांदयाल निवासी राजकुंतला मुनींद्र (24) से भी इसी तरह के प्रस्ताव के साथ संपर्क किया। उसने 10.10 लाख रुपये का भुगतान किया , लेकिन न तो कोई ट्रायल आयोजित किया गया और न ही कोई अवसर प्रदान किया गया। जब पीड़ितों ने रिफंड की मांग की तो आरोपी ने उनके फोन कॉल से बचना शुरू कर दिया और अंततः फरार हो गया।
शिकायतकर्ता ने नागपुर आने पर आरोपी के घर पर ताला लगा पाया और बाद में पता चला कि वह वाराणसी भाग गया है। प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि आरोपी वास्तविक कोच नहीं था और उसने केवल क्लब स्तर पर क्रिकेट खेला था। पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी का पता लगाने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।
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