बेंगलुरु , फरवरी 17 -- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा उत्पादन क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए मंगलवार को कहा कि इससे आत्मनिर्भर रक्षा विनिर्माण क्षेत्र का आधार तैयार हो रहा है।
श्री सिंह ने मंगलवार को यहां वेमगल में टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स और एयर बस के संयुक्त हेलीकॉप्टर विनिर्माण संयंत्र की असेंबली लाइन के उद्घाटन के मौके पर कहा, "देश के कुल रक्षा उत्पादन में निजी क्षेत्र का योगदान बढ़कर आज लगभग एक-चौथाई पर पहुंच चुका है।" उन्होंने कहा कि यह बदलाव रक्षा विनिर्माण के लिए एक मजबूत और आत्मनिर्भर आधार तैयार करने की सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
इस संयंत्र में एयरबस से एच125 हेलीकॉप्टर और उसके सैन्य संस्करण एच125एम हेलीकॉप्टर का निर्माण होगा। अगले साल के मध्य तक संयंत्र में बने पहले हेलीकॉप्टर के रोल आउट और उड़ान भरने की उम्मीद है। इस संयंत्र को शुरू से ही यूरोपीय संघ विमानन सुरक्षा एजेंसी (ईएएसए) का प्रमाणन प्राप्त होगा जो वैश्विक स्तर पर दो प्रमुख प्रमाणनों में शामिल है। असेम्बली लाइन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैन्युअल मैक्रां ने मुंबई से वर्चुअल माध्यम से किया। वेमगल में रक्षा मंत्री सिंह, नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू, फ्रांस की रक्षा मंत्री कैथरीन वैट्रिन के अलावा टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स और एयरबस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
आयुध कारखानों के निजीकरण, औद्योगिक लाइसेंसिंग में उदारीकरण, निजी निर्माताओं को नीतिगत समर्थन और रक्षा औद्योगिक गलियारों की स्थापना जैसी पहलों का जिक्र करते हुए श्री सिंह ने कहा कि इन सुधारों ने निजी कंपनियों के लिए समान अवसर उपलब्ध कराकर तथा उत्पादन में नवाचार, प्रतिस्पर्धा और दक्षता को बढ़ावा दिया है जिससे रक्षा क्षेत्र की तस्वीर बदल रही है।
उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में रक्षा निर्यात में कई गुना वृद्धि हुई है, जिससे देश वैश्विक स्तर पर उभरते रक्षा निर्यातकों में शामिल हो गया है। इससे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) तथा सहायक उद्योगों के लिए बड़े पैमाने पर अवसर बने हैं।
उन्होंने कहा कि परिणामस्वरूप, रक्षा उत्पादन में संलग्न एमएसएमई की संख्या बढ़कर 16,000 से अधिक हो गयी है। अब कई विदेशी कंपनियां भारतीय कंपनियों से महत्वपूर्ण पुर्जे खरीद रही हैं। उन्होंने कहा कि एच125 हेलीकॉप्टर कार्यक्रम में 1,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा।
श्री सिंह ने वैश्विक निर्माताओं को सार्थक प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और सहयोगात्मक उत्पादन के माध्यम से भारतीय कंपनियों के साथ साझेदारी बढ़ाने के लिए आमंत्रित किया ताकि घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।
एयरबस और टाटा समूह के बीच यह दूसरी बड़ी साझेदारी है। दोनों ने मिलकर सी295 सैन्य विमानों के लिए फाइनल असेम्बली लाइन बनायी है। एयरबस स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए भारतीय कंपनियों से 1.5 अरब डॉलर की कलपुर्जों और सेवाओं की खरीद कर रही है।
टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स से प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुकरण सिंह ने कहा कि कंपनी औपचारिक ऑर्डर मिलने का इंतजार किये बिना उत्पादन की तैयारी कर रही है।
नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने बताया कि यह निजी क्षेत्र का पहला संयंत्र है जिसमें नागरिक और सैन्य दोनों प्रकार के हेलीकॉप्टरों का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि भारत ने सफलतापूर्वक एक रक्षा आयातक देश से 100 से अधिक राष्ट्रों को निर्यात करने वाला देश बनने तक का सफर तय किया है और अब नागरिक विमानन विनिर्माण तथा रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल (एमआरओ) सेवाओं के क्षेत्र में एक वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है।
श्री नायडू ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026 इस क्षेत्र में नागरिक उड्ड्यन क्षेत्र की वृद्धि को और प्रोत्साहित करता है। इसमें विमान निर्माण के घटकों और रक्षा एमआरओ में प्रयुक्त कच्चे माल पर मूल सीमा शुल्क से छूट दी गयी है।
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