मुंबई , जून 01 -- महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी के विधायक रईस शेख ने राज्य के अल्पसंख्यक विकास विभाग में वर्षों से खाली पड़े 406 पदों को तत्काल भरने की मांग की है।
श्री शेख ने उपमुख्यमंत्री को लिखे एक पत्र में इन खाली पदों के कारण सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन में आ रही बाधाओं का हवाला दिया है। उन्होंने इसके साथ ही कई लंबित प्रस्तावों पर भी तत्काल कार्रवाई की मांग की, जिनमें अल्पसंख्यक शोध और प्रशिक्षण संस्थान को मजबूत करना और भिवंडी में 'उर्दू घर' जैसी परियोजना के काम में तेजी लाना शामिल है।
गौरतलब है कि उनकी यह अपील ऐसे समय में आई है जब उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने मुस्लिम विधायकों की एक बैठक बुलाई थी, ताकि 'ध्यानाकर्षण प्रस्ताव' को लागू करने से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की जा सके। यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अल्पसंख्यक विकास विभाग का कार्यभार संभालने के बाद मुस्लिम विधायकों के साथ यह उनकी पहली बातचीत थी।
श्री शेख ने प्रशासनिक कमियों को उजागर करते हुए बताया कि 406 स्वीकृत पद कई सालों से खाली पड़े हैं। उन्होंने अल्पसंख्यक निदेशालय में हाल ही में सृजित किए गए 36 पद और जिला-स्तरीय कार्यालयों में 85 पदों के अभी तक नहीं भरने का भी जिक्र किया। उनके अनुसार इन कमियों के कारण विभाग के कामकाज में रुकावट आई है और कई महत्वपूर्ण कल्याणकारी पहलों में देरी हुई है।
श्री शेख ने अल्पसंख्यक शोध और प्रशिक्षण संस्थान की धीमी प्रगति की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि कि यह संस्थान अभी तक पूरी तरह से काम करना शुरू नहीं कर पाया है। उन्होंने भिवंडी में प्रस्तावित 'उर्दू घर' परियोजना पर भी काम शुरू नहीं होने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने 'लोकराज्य' पत्रिका के उर्दू संस्करण को तत्काल फिर से शुरू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि 'उर्दू साहित्य अकादमी' के अधीक्षक और कार्यकारी अधिकारी को अभी तक वित्तीय अधिकार नहीं दिए गए हैं, जबकि अकादमी के कार्यालय के नवीनीकरण का काम अभी भी लंबित है।
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