भोपाल , दिसंबर 10 -- मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित रीजनल साइंस सेंटर के पास स्थित रंग श्री लिटिल बैले ट्रूप के राग बंध सभागार में संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से 12 से 14 दिसंबर तक रंग संस्कृति नाट्य समारोह 2025 का आयोजन किया जा रहा है। यह तीन दिवसीय सांस्कृतिक आयोजन रंगमंच, साहित्य और लोककला के क्षेत्र में सक्रिय कलाकारों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
समारोह के उद्घाटन सत्र में रंग संस्कृति प्रतिभा सम्मान 2025 के अंतर्गत मध्यप्रदेश के चुनिंदा रंग कलाकारों एवं साहित्यधर्मियों को उनके विशिष्ट योगदान के लिए स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। सम्मानित होने वाले कलाकारों में प्रीति झा तिवारी (रंगमंच-अभिनय), राकेश नामदेव (रंगमंच-नेपथ्य), सुनील चैरे उपमन्यु (साहित्य-व्यंग्य), अंजली खेर (साहित्य-बाल कहानी), दीपक चाकरे चक्कर (हिंदी एवं निमाड़ी रचनाकार) और ब्रजेश बडोले (रेखाचित्रकार) शामिल हैं।
शुक्रवार 12 दिसंबर को शाम 7 बजे उद्घाटन सत्र के बाद समारोह के प्रथम दिवस की प्रस्तुति के रूप में संजय उपाध्याय के निर्देशन में लोककथाओं पर आधारित बाल नाट्य "एक थी चिड़ी" का मंचन मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय में अध्ययनरत रंग प्रयोगशाला के छात्रों द्वारा किया जाएगा। वही शनिवार को दूसरे दिन एकजुट नाट्य एवं वेलफेयर समिति के कलाकार खुशबू चैबीतकर के निर्देशन में प्रसिद्ध नाटक "द रिस्पेक्टफुल प्रॉस्टिट्यूट" का प्रदर्शन करेंगे।
जबकि रविवार 14 दिसंबर को अंतिम दिवस की शुरुआत लोक गायक प्रवीण चैबे और लोक गुंजन संस्था के कलाकारों द्वारा गांव के पारंपरिक गीतों पर आधारित "यशोगान" की प्रस्तुति से होगी। इसके बाद सादात भारती के निर्देशन में रंगकर्मी बालेंद्र सिंह अपने एकल अभिनय के माध्यम से चर्चित नाटक "पढ़िए कलिमा" का मंचन करेंगे।
आयोजक संस्था के सचिव यतीन्द्र अत्रे ने बताया कि भोपाल के दर्शकों के लिए उत्कृष्ट प्रस्तुतियों का चयन किया गया है। सभी नाटकों का मंचन शाम 7 बजे से शुरू होगा और प्रवेश पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर पूरी तरह निशुल्क रहेगा।
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