जालंधर , जनवरी 31 -- पंजाब के पूर्व शिक्षा मंत्री एवं विधायक परगट सिंह ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार फ्लॉप एजुकेशन पॉलिसी के तहत सरकारी स्कूलों को पार्टी के झंडे के रंग में रंगकर पंजाब के लोगों मूर्ख बनाने का काम कर रही है और स्कूली बच्चों को बांटने की कोशिश कर रही है। श्री सिंह मीडिया के साथ जालंधर ईस्ट ब्लॉक के लाडोवाली रोड स्थित सरकारी गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल पहुंचे, जहां उन्होंने सरकारी स्कूल की दीवारी पर किया गया आम आदमी पार्टी के झंडे के रंग का सबूत दिखाया।

उन्होंने बताया कि इस स्कूल की दीवार को कुछ समय पहले ही बनाया गया था। इनको विभिन्न पेंटिंग्स से रंगा गया था, लेकिन नये फरमान के बाद इस स्कूल की दीवार को फिर से खर्च करके आप के झंडे के नीले-पीले रंग में रंग दिया गया है।

श्री सिंह ने पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वह बतायें कि कौन से एक्सपर्ट ने यह रंग सुझाया है। उन्होंने कहा कि यह गुरुओं की धरती है, यहां इंसानियत की बात पहले होती है। उसके बाद सारी जातों और धर्मों की बात होती है। इस तरह बच्चों को न बांटा जाये, ताकि पंजाब गुलदस्ता बना रहे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को पंजाब के हितों की बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को स्कूलों में अच्छे अध्यापक भर्ती करने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर काम करना चाहिए। आज भी ज्यादातर स्कूल टीचर सड़कों पर धरने दे रहे हैं। 1159 सहायक प्रोफेसरों के जीवन को भी पंजाब सरकार ने अंधकार में डाल दिया है। पंजाब पहले ही देश के अन्य राज्यों के मुकाबले शिक्षा में पिछड़ चुका है। वह अन्य राज्यों का मुकाबला ही नहीं कर पा रहा है।

शिक्षा क्रांति का उदाहरण देते हुए पूर्व शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने कहा कि दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया 2020 में पंजाब में मॉडल स्कूल दिखाचुके हैं, लेकिन 2024 में इस स्कूल के पांच हजार बच्चों को दूसरे स्कूलों में शिफ्ट करना पड़ा, क्योंकि उस स्कूल की बिल्डिंग को असुरक्षित घोषित किया गया। यही आम आदमी पार्टी की शिक्षा क्रांति की सच्चाई है। सच यह भी है कि दिल्ली में भी शिक्षा मॉडल बने स्कूलों को गिराने की नौबत आ चुकी है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित