प्रयागराज , सितंबर 21 -- माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद को रंगदारी के एक मामले में सोमवार को प्रयागराज की अदालत में पेश किया गया। करीब दो घंटे तक अदालत में रहने के दौरान उसने अपना बयान दर्ज कराया। इसी मामले में कासगंज जेल में बंद आसाद कालिया को भी अदालत में पेश किया गया और उसका बयान दर्ज किया गया।
अली की पेशी को देखते हुए एडीजे कोर्ट के अंदर और बाहर 250 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। पेशी के बाद पुलिस अली को कड़ी सुरक्षा के बीच बाहर लेकर आई। मीडिया कर्मियों ने उससे बातचीत करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने इसकी अनुमति नहीं दी। पुलिस ने उसे सीधे वैन में बैठाया और पर्दे डाल दिए। इसके बाद तीन वाहनों के काफिले के साथ करीब 35 पुलिसकर्मी उसे झांसी के लिए रवाना हो गए।
पुलिस के अनुसार, अली को प्रयागराज लाते समय उसका भाई अहजम भी काफिले के पीछे कार से चल रहा था। इसकी जानकारी मिलने पर कौशांबी में पुलिस ने उसकी कार रोककर जांच की। पूछताछ में अहजम ने बताया कि उसे अली को जेल से प्रयागराज लाए जाने की जानकारी मिली थी, इसलिए वह काफिले के पीछे चल रहा था। पुलिस ने उसे आगे काफिले के साथ चलने से रोक दिया।
मामले के अनुसार, प्रयागराज के एक किसान ने वर्ष 2023 में अली समेत पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप है कि अली के कहने पर उसके गुर्गों ने किसान से 30 लाख रुपये की रंगदारी मांगी, जबरन सादे स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर कराए और उसके साथ मारपीट की। अली को सोमवार सुबह करीब छह बजे झांसी से प्रयागराज के लिए रवाना किया गया था और दोपहर करीब साढ़े 12 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत पहुंचाया गया। पुलिस उसे सीधे कोर्ट रूम में ले गई। इस दौरान उसने सफेद टोपी, शर्ट और जींस पहन रखी थी तथा उसके हाथों में रस्सी बंधी थी। एक हाथ में वह गमछा लिए हुए था।
पुलिस ने अली को प्रयागराज लाने की प्रक्रिया को गोपनीय रखा था। पेशी के बाद जब पुलिस उसे अदालत से बाहर लेकर आई तो वहां बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद थे। समर्थकों ने उससे हाथ मिलाने और बातचीत करने का प्रयास किया। इसी दौरान भीड़ में धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस ने मशक्कत के बाद अली को भीड़ से बाहर निकाला और काफिले के साथ झांसी के लिए रवाना हो गई।
इससे पहले आठ अगस्त को अली को उसके छोटे भाई अबान के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए प्रयागराज लाया गया था। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अली और उसके भाई उमर को पैरोल दी थी। अबान छह अगस्त को अली से मिलने जा रहा था, तभी झांसी में हाईवे पर उसकी कार डिवाइडर से टकरा गई थी, जिसमें उसकी मृत्यु हो गई थी।
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