खरगोन , मार्च 27 -- मध्यप्रदेश में बढ़ती रंगदारी और संगठित अपराध की घटनाओं के बीच पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए गैंगस्टर कनेक्शन के मद्देनजर विशेष टास्क फोर्स (एसटीएफ) के तहत विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) का गठन किया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार अशोकनगर, इंदौर, महू, खरगोन और भोपाल समेत कई जिलों में अमीर कारोबारियों को धमकी देकर फिरौती मांगने के मामलों की जांच इस दल को सौंपी गई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि गैंग के सदस्य सरकारी पोर्टलों और सोशल मीडिया के जरिए संभावित लक्ष्यों की जानकारी जुटाकर उन्हें निशाना बना रहे हैं।
बताया गया कि अशोकनगर के मामले को पुलिस ने काफी हद तक सुलझा लिया है, जबकि अन्य जिलों के प्रकरणों की जांच जारी है। अशोकनगर में 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में पूरे नेटवर्क के बारे में अहम जानकारी मिली है।
पुलिस के मुताबिक गैंग के ऑपरेटिव विदेश और जेल से नेटवर्क संचालित कर रहे हैं तथा राजस्थान और हरियाणा के युवाओं को सोशल मीडिया के माध्यम से जोड़कर विभिन्न राज्यों में भेजा जा रहा है। ये लोग टारगेट तय करने के लिए जीएसटी और रेरा जैसे पोर्टलों से कारोबार और प्रोजेक्ट से जुड़ी जानकारी जुटाते हैं, फिर सोशल मीडिया के माध्यम से संबंधित व्यक्ति और उसके परिवार की जानकारी एकत्र कर दबाव बनाते हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि आपसी संपर्क के लिए एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप का उपयोग किया जा रहा है, जिससे संदेशों का पता लगाना कठिन हो रहा है। पिछले एक माह में प्रदेश के विभिन्न जिलों में रंगदारी के कई मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें करोड़ों रुपये की मांग की गई है। पुलिस मुख्यालय द्वारा गठित एसआईटी का नेतृत्व उप पुलिस महानिरीक्षक स्तर के अधिकारी को सौंपा गया है और टीम को सभी मामलों की समन्वित जांच के निर्देश दिए गए हैं।
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