श्रीगंगानगर , मई 09 -- राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के एक नामी आभूषण व्यापारी को रंगदारी देने की धमकी देने के मामले में कुख्यात बदमाश सरगना लॉरेंस बिश्नोई के भाई आरजू बिश्नोई के दो बदमाश सहित अब तक के सभी मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं।

पुलिस की कड़ी पूछताछ में खुलासा हुआ है कि इस पूरे रंगदारी रैकेट को आरजू बिश्नोई ने संचालित किया था और लक्ष्य आगरा के बदमाश शिवम दुबे को सौंपा गया था, जिसने अपने गुर्गों को इस काम पर लगाया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार मुंबई अपराध शाखा ने 28 फरवरी की रात फिल्मकार रोहित शेट्टी के घर पर बिश्नोई गिरोह द्वारा रंगदारी वसूली के लिए की गई गोलीबारी की घटना में जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया था, उनमें से दो प्रमुख शूटर-प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू पंडित (22) और दीपक उर्फ तुषार (25) को प्रोडक्शन वारंट पर श्रीगंगानगर लाने के बाद आज अदालत में किया गया, जहां से उन्हें कड़ी पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।

पुलिस अधीक्षक हरिशंकर यादव ने शनिवार को बताया कि आभूषण व्यापारी की शिकायत पर करीब छह महीने पहले कोतवाली में रंगदारी धमकी का मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने कहा कि इस मामले में पहले रोहित सिंह, आजाद उर्फ हैरी, शिवा उर्फ शिव गुर्जर और अर्पित शर्मा को गिरफ्तार किया जा चुका है। सभी न्यायिक हिरासत में हैं। अब लाए गए प्रदीप शर्मा और दीपक उर्फ तुषार से पूछताछ में महत्वपूर्ण खुलासे हो रहे हैं।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने कबूल किया कि श्रीगंगानगर के आभूषण व्यापारी को निशाना बनाने का काम शिवम दुबे ने ही उन्हें दिया था। शिवम दुबे आरजू बिश्नोई गिरोह के लिए काम करता है और लंबे समय से फरार है। मुंबई पुलिस की अपराध शाखा भी उसे तलाश रही है।

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