कोलकाता , जून 9 -- पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता नौशाद आलम को पुलिस ने रंगदारी और आपराधिक धमकी के मामले में कश्मीर से गिरफ्तार कर लिया है।

बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट के खुफिया विभाग ने एक विशेष ऑपरेशन चलाकर यह कामयाबी हासिल की। आरोपी नेता पिछले कई हफ्तों से पुलिस की गिरफ्त से बचकर छिप रहा था।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, गत 4 मई को विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के तुरंत बाद से ही नौशाद आलम अचानक भूमिगत हो गए थे, जिसके बाद से जांच अधिकारी लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे। उनके खिलाफ रंगदारी वसूलने, डराने-धमकाने और अपने राजनीतिक प्रभाव का दुरुपयोग करने की कई गंभीर शिकायतें मिलने के बाद पुलिस ने सघन जांच शुरू की थी। लगातार हो रही छापेमारी के कारण आलम लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे।

पकड़े गए आरोपी नौशाद आलम टीएमसी के दमदम-बैरकपुर संगठनात्मक जिले के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने बैरकपुर नगरपालिका में भी कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं। क्षेत्र में लंबे समय तक उन्हें एक बेहद रसूखदार और प्रभावशाली राजनीतिक शख्सियत के रूप में जाना जाता रहा है।

नेताओं और आम लोगों की शिकायतों के बाद जब आलम गायब हुए, तो जांचकर्ताओं ने उनके मोबाइल फोन रिकॉर्ड, कॉल डिटेल्स और अन्य डिजिटल कड़ियों का बारीकी से विश्लेषण किया। इस तकनीकी जांच से पुलिस को पुख्ता सुराग मिला कि आरोपी पश्चिम बंगाल छोड़कर कश्मीर में शरण लिए हुए है। इसके बाद बैरकपुर पुलिस की एक विशेष टीम को घाटी भेजा गया, जिसने स्थानीय स्तर पर जाल बिछाकर आरोपी को दबोच लिया।

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