बैतूल , अगस्त 11 -- पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं की जमीनी प्रगति की समीक्षा के दौरान बैतूल कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने लापरवाही और धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए तीन जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। आमला, भैंसदेही और चिचोली जनपद पंचायतों में योजनाओं की प्रगति निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप नहीं मिलने पर कलेक्टर ने अधिकारियों को कार्यशैली में सुधार लाने की हिदायत दी।

सोमवार को आयोजित समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के निर्धारित लक्ष्य, अब तक हुई प्रगति और उनके क्रियान्वयन की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचना चाहिए और लक्ष्य हासिल करने में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

समीक्षा के दौरान आमला, भैंसदेही और चिचोली जनपद पंचायतों की प्रगति असंतोषजनक पाए जाने पर संबंधित सीईओ को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने लंबित कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने तथा योजनाओं की प्रगति में अपेक्षित सुधार सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में जनपद पंचायत आठनेर के बीसी-एसबीएम के अनुपस्थित रहने का मामला भी सामने आया। कलेक्टर ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समीक्षा बैठकों और विभागीय कार्यों में अधिकारियों की उपस्थिति एवं जिम्मेदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

कलेक्टर ने मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान-2026 के तहत आयोजित किए जाने वाले आगामी शिविरों की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों में प्राप्त शिकायतों और प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण किया जाए। पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।

डॉ. सोनवणे ने सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिकायतों का केवल औपचारिक निराकरण नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिपूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में एसीईओ श्रीमती मेहतो, कार्यपालन यंत्री आरईएस बैतूल एवं मुलताई, सभी जनपद पंचायतों के सीईओ, सहायक यंत्री, एपीओ, एएओ, बीपीओ, बीसी आवास एवं एसबीएम तथा उपयंत्री सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

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